इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि, Anant Chaturdashi Indore। अनंत चतुर्दशी पर लगातार दूसरे साल झांकियां नहीं निकली। इस बात की उदासी मिल मजदूरों के चेहरे पर रविवार को साफ नजर आई। मिलों में विराजित भगवान गणेश को सादगी से मजदूरों ने विसर्जित किया। इस दौरान झांकियां न निकलने से उनके चेहरे पर मायूसी छाई हुई थी। जिस रतजगे का इंतजार सालभर करते थे उसके एक बार फिर बैरंग होने का दुख उनकी बातों में नजर आ रहा था।

हुकुमचंद मिल गणेशोत्सव समिति के प्रधानमंत्री नरेंद्र श्रीवंश का कहना था कि जब झांकी निकलती थी किसी को एक मिनिट की फुर्सत नहीं होती थी। आज सब यूं ही उदास बैठे थे। करीब 150 मजदूर मिल में इकट्टा हुए। झांकी कलाकार भी आए। पुराने आधू-अधूरे पुतलों को निहारा। आरती के बाद भगवान गणेश की विदाई में शामिल होकर चुपचाप अपने घर चले गए। कल्याण मिल गणेशोत्सव समिति के हरनाम सिंह धारीवाल का कहना था कि सभी गतिविधियां शुरू हो गई लेकिन झांकी अनुमति नहीं मिली।

अनंत चतुर्दशी के इस क्षेत्र की रौनक देखते ही बनती थी। सैकड़ों लोगों को इंदौर की इस झांकी परंपरा से रोजगार मिलता था। श्रमिक क्षेत्र में रहने वाले इन लोगों भी झांकी नहीं निकलने से निराश है। मालवा मिल गणेशोत्सव समिति के कैलाश कुशवाह का कहना था कि इस दिन के उल्लास के चर्चे देश में होते थे। आज सब वीरान नजर आ रहा है। झांकी मार्ग सूना है और मजदूर भी दुखी है।

हुकुमचंद मिल परिसर में बैठे मायूस श्रमिक

Posted By: gajendra.nagar

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