इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। अंशू शर्मा हत्याकांड में संयोगितागंज थाना पुलिस ने दूसरे दिन आरोपित हर्षदत्त शर्मा के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया। एफआइआर के लिए अंशू की मां संतोषी को सात घंटे थाना में इंतजार करना पड़ा। उन पर बयान बदलने के लिए भी दबाव बनाया गया। पीड़ित परिवार ने भाजपा विधायक को शिकायत कर पुलिस पर आरोपितों को बचाने का आरोप लगाया है।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा के 24 वर्षीय बेटे हर्षदत्त (जावरा कंपाउंड) ने मंगलवार रात श्वान बांधने की जंजीर और खुखरी से हमला कर हत्या कर दी थी। हर्ष की एडवाइडरी फर्म और ऑर्गेनिक कंपनी में नौकरी करने वाली अंशू से 8 अगस्त को ही शादी की थी। मामा इंदर के मुताबिक पुलिस ने सुबह कॉल कर बयान देने बुलाया था। दोपहर 12 बजे बहन संतोषी को लेकर थाना पहुंच गए। सीएसपी पूर्ति तिवारी ने अकेले में बयान लिए। संतोषी ने हर्ष के पिता राजीव और मां नम्रता पर भी प्रताड़ना व हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने कहा सिर्फ हर्ष का नाम लो। अन्य के खिलाफ तुम्हारे पास क्या सबूत है। इंदर ने कहा- आरोपित की कॉल डिटेल निकालो। हर्ष के घर व आसपास के सीसीटीवी फुटेज निकालो। पुलिसवालों ने कहा इस प्रक्रिया में समय लगता है। स्वजनों ने आरोपितों को सुविधा देने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा- आरोपितों को हवालात से बाहर रखा गया है। स्वजनों ने आरोपितों को सुविधा देने का भी आरोप लगाया है। शाम करीब सात बजे संतोषी के कथनों के आधार पर हर्ष पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। सीएसपी के मुताबिक संतोषी ने एक व्यक्ति का नाम लिया है, इसलिए फिलहाल अन्य के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया।

स्पीकर फोन पर ही बात करती थी बेटी, शराब पीकर पीटा -

संतोषी के मुताबिक हर्ष शादी के बाद से परेशान करने लगा था। वह न तो अंशू से मिलने देता था न कभी अकेले में बात करवाता था। जब भी बात करती थी स्पीकर फोन पर ही करती थी। वारदात के बाद स्वजन जावरा कंपाउंड पहुंचे तो लोगों ने कहा हर्ष आवारा किस्म का व्यक्ति था। उससे कैसे शादी कर दी। दिनभर शराब पीता था। इंदर के मुताबिक हर्ष उसे रुपयों के लिए भी तंग करता था। उन्होंने मकान की रजिस्ट्री रख कर एक डेढ़ लाख रुपए दिए थे। तब हर्ष ने कहा पिता अभी जेल में है। उसके छुटने पर रुपए लौटा देगा।

पुलिसकर्मी बोला मुझे अंशू ने अंगूठी पहनाई, उसके कारण मैंने घर छोड़ा -

गुरुवार को सिपाही सचिन मुकाती भी संयोगितागंज थाना पहुंचा। उसने कहा- अंशू से इंदर के घर आने जाने के कारण दोस्ती हुई थी। दोनों एक-दूसरे को प्रेम करते थे। फरवरी में उन्होंने पंडित को बुलाकर पूजा करवाई और एक-दूसरे को अंगूठी भी पहना दी। मेरे परिजनों को शादी मंजूर नहीं थी तो मैंने घर से नाता तोड़ दिया। मैं अंशू की मां को ही मां मानने लगा। लॉकडाउन के कारण शादी टल गई और अगस्त में अंशू हर्ष के साथ चली गई। गुमशुदगी दर्ज कराने पर पता चला उसने तो प्रेम विवाह कर लिया है। मैंने उसे आखिरी बार विजयनगर थाना में ही देखा था।

Posted By: sameer.deshpande@naidunia.com

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