इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि, Aplastic Anemia Day। किसी व्यक्ति में खून की कमी होने पर उसे एनीमिया की बीमारी कहते हैं। वही जब व्यक्ति के रक्त में हीमोग्लोबिन के साथ प्लेटलेट्स कम हो जाती है तो उसे एप्लास्टिक एनिमिया कहा जाता है। इस तरह की बीमारी लगातार बढ़ती जा रही है। एडवांस होम्यो हैल्थ सेंटर के संचालक डा. एके द्विवेदी के मुताबिक लोगों में एप्लास्टिक एनिमिया की बढ़ती बीमारी चिंता का विषय है। पिछले छह माह में इंदौर में 100 मरीज इस बीमारी के सामने आए है। इनमें बच्चे, युवा और वृध्द लोग शामिल है। एप्लास्टिक एनिमिया की बीमारी महिलाओं में सबसे अधिक देखने को मिल रही है। महिलाओं में इस बीमारी के माहवारी के समय अत्यधिक रक्तस्त्राव होता है। छोटे बच्चों में बीमारी के कारण नाक से खून आने की समस्याएं देखने में आती है। इस तरह की बीमारी नकसीर कहलाती है। इस बीमारी के कारण पुरुषों में अत्यधिक कमजोरी व पाइल्स होने पर ज्यादा रक्त स्त्राव होने की समस्या होती है।

कई मरीजों को इस बीमारी में बार-बार रक्त व प्लेटलेट्स देना पड़ता है। ऐसे सभी मरीजों को होम्योपैथी चिकित्सा से भी इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है। ऐसे मरीजों को होम्योपैथी की विशेष तरह की 50 मिलीसीमल पोटेंसी की दवा देकर राहत दी जा रही है। जिन्हें बीमारी के कारण लगातार कमजोरी, थकान, भूख न लगने और श्वास लेने में परेशानी हो रही थी। ऐसे सभी मरीजों को होम्योपैथी दवा के माध्यम से इलाज के काफी सकारात्मक परिणाम देखने को मिले। गुरुवार को एप्लास्टिक एनिमिया डे के अवसर पर निजी होटल में एक सेमिनार का आयोजन किया गया है। जिसमें स्त्री रोग विशेषज्ञ, दंत रोग विशेषज्ञ, मानसिक रोग विशेषज्ञ बीमारी के कारण तथा लक्षण पर चर्चा करेंगे।

Posted By: gajendra.nagar

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