PM Agriculture Irrigation Scheme जितेंद्र यादव, इंदौर। इंदौर जिले के महू विकासखंड में बेका की पहाड़ियों से निकलने वाली बालम नदी को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत नवजीवन देने की तैयारी की जा रही है। इस पहाड़ी नदी में लंबे समय तक पानी बनाए रखने के लिए जल संरक्षण के काम किए जाएंगे। नदी किनारे की तीन ग्राम पंचायतों के नौ गांवों में रहवासियों व किसानों की आय और आजीविका के साधन बढ़ाने के काम भी किए जाएंगे। इसके लिए केंद्र सरकार ने नौ करोड़ रुपये से अधिक की योजना को मंजूरी दी है।

जिला पंचायत की टीम ने इसके लिए बालम नदी के आसपास सर्वे शुरू किया है। यह योजना एकीकृत जलग्रहण क्षेत्र मिशन में शामिल है। बालम का उद्गम बेका की पहाड़ी से है और यह चोरल में मिलती है। इस दौरान यह नदी लगभग 20 किलोमीटर बहती है। नदी के जलग्रहण क्षेत्र में कालाकुंड, कुलथाना और राजपुरा पंचायतों के गांव आते हैं। इनमें राजपुरा, उमठ, बेका, कुलथाना, रसकुंडिया, नयापुरा, सादलपुरा, नावदिया, तालनमाल गांव शामिल हैं। जिला पंचायत सीईओ वंदना शर्मा ने बताया कि सर्वे के बाद जल्द ही डीपीआर बनाई जाएगी। यह योजना पांच साल की होगी।

4100 हेक्टेयर जमीन पर होंगे प्रयोग

- जिला परियोजना अधिकारी जलग्रहण क्षेत्र डा. जमाल एहमद खान बताते हैं कि बालम नदी के इस प्रोजेक्ट में रिज टू वैली (पहाड़ी से नीचे नदी तक और आसपास) प्रणाली के तहत काम किया जाएगा। इसमें अलग-अलग गांवों में राजस्व और कृषि की 4100 हेक्टेयर जमीन शामिल है।

- महिलाओं और पुरुषों के स्वयं सहायता समूह बनाकर या राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में पहले से बने समूहों को इस योजना से जोड़कर रोजगार दिया जाएगा।

- किसानों के फार्मर्स प्रोड्यूसर आर्गेनाइजेशन (एफपीओ) बनाकर उपज बढ़ाने और खेती की लागत कम करने की तकनीक बताई जाएगी। उनकी उपज को उचित बाजार तक पहुंचाने में मदद की जाएगी ताकि अधिक दाम मिल सकें। इसमें कृषि विज्ञान केंद्र, कृषि व उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों का सहयोग लिया जाएगा।

- पूरे क्षेत्र में उपयुक्त जगह तालाब, परकोलेशन टैंक, खेत तालाब, स्टाप डैम और पहाड़ियों पर मिट्टी और पानी रोकने की संरचनाएं गली बोल्डर, गैबियन आदि बनाई जाएंगी। इस तरह के 70 से अधिक काम हाथ में लिए जा सकते हैं।

Posted By: Sameer Deshpande

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