Road Safety Indore: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। यातायात दुर्घटनाओं के मामले में देखने में आता है कि ज्यादातर उन लोगों को नुकसान ज्यादा होता है जो हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करते हैं। कई वाहन चालक मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन चलाते हैं। स्कूल और कालेज के कई विद्यार्थी भी बिना लाइसेंस के वाहन चलाते हैं। ऐसे में जब उनसे कोई दुर्घटना हो जाती है तो इसका खामियाजा परिवार के सदस्यों को भुगतना पड़ता है। यह कहना है यातायात विशेषज्ञ और पूर्व सीएसपी गिरीश सूबेदार का। सोमवार को नईदुनिया सड़क सुरक्षा अभियान के तहत किला मैदान रोड स्थित श्री गरिमा विद्या मंदिर स्कूल में गिरीश सूबेदार ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि वाहन चलाते समय किन बातों का ध्यान रखें।

गलती से भी बात न करें

गिरीश सूबेदार ने कहा कि मैंने पुलिस की नौकरी के दौरान कई बार देखा है कि साइकिल वाले से लेकर, दो पहिया, चार पहिया, बस और ट्रक चालक भी कई बार मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन चलाते हैं। यह बहुत खतरनाक हो सकता है। वाहन चालक खुद के साथ कई लोगों की जान को खतरे में डाल देता है। मोबाइल फोन पर बात करते हुए इंसान का पूरा ध्यान वाहन चलाने पर नहीं रहता है। ऐसे में कार की गति, आगे-पीछे चल रहे वाहनों से दूरी का अंदाजा नहीं लग पाता है। अगर कोई जरूरी फोन आ भी जाए तो सड़क के किनारे रुककर बात करना चाहिए। ब्लूटूथ उपकरण का भी उपयोग किया जा सकता है। इससे कई हद तक अचानक होने वाली दुर्घटनाओं पर लगाम लगा सकते हैं।

अधिकतर विद्यार्थियों के पास नहीं होता लाइसेंस

शहर के कई स्कूलों में कई विद्यार्थी खुद वाहन चलाकर आते हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर के पास लाइसेंस नहीं होता है। पिछले वर्षों में यातायात पुलिस कुछ स्कूलों के बाहर कार्रवाई कर चुकी है। गिरीश सूबेदार का कहना है कि बिना लाइसेंस के विद्यार्थियों को स्कूल में वाहन लाने पर पाबंदी होनी चाहिए। कई युवा वाहन ठीक से चला नहीं पाते हैं और यातायात नियमों की भी जानकारी नहीं होती है। ऐसे में दुर्घटना होने का अंदेशा बढ़ जाता है। गिरीश सूबेदार का कहना है कि युवाओं को लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन करना चाहिए। अगर उनकी नियम अनुसार उम्र कम है तो लर्निंग लाइसेंस के लिए आनलाइन आवेदन करना चाहिए। जब तक वाहन चलाना अच्छे से नहीं आए तब तक वाहन नहीं चलाना चाहिए। खासकर वाहन की पिछली सीट पर किसी को न बैठाएं।

परिवार के सदस्यों को भी दें समझाइश

यातायात विशेषज्ञ की बातों को अपने जीवन में लागू करने और हेलमेट व सीट बेल्ट का उपयोग अनिवार्य रूप से परिवार के सदस्यों को भी कराने के लिए शिक्षकों ने विद्यार्थियों को कहा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिवार के सदस्यों को समझाएं कि किस तरह की दुर्घटनाएं होती हैं और इसमें हेलमेट और सीट बेल्ट किस तरह से अपना बचाव करते हैं। कार्यक्रम में स्कूल प्राचार्य संतोष बागोरा और अन्य शिक्षक भी उपस्थित थे।

Posted By: Sameer Deshpande

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