इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि । 5000 से ज्यादा लड़कियों की तस्करी करने वाला कुख्यात मानव तस्कर मामनूर उर्फ मामून उर्फ विजय दत्त मुंबई में नाला सोपारा पुलिस चौकी के सामने ही रहता था। आरोपी पुलिस वालों की प्रत्येक गतिविधियों पर नजर आता था। पुलिस ने उसकी सारी जानकारी आईबी और एनआईए से भी साझा की है।

विजय नगर थाना टीआई तहजीब काजी के मुताबिक विजय दत्त और उसके साथी उज्जवल ठाकुर, दिलीप, प्रदीप, बबलू उर्फ पलास को आज कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस ने पकड़े गए इन आरोपितों का सड़क पर जुलूस भी निकाला।

बुधवार रात हुई पूछताछ में विजय ने बताया कि वह 25 साल से इस धंधे में लिप्त हैं। उसने नाला सोपारा में ह्यूमन ट्रैफिकिंग पुलिस चौकी के सामने एक इमारत में फ्लैट किराए पर ले लिया था और उसमें से पुलिस की सारी गतिविधियां देखता था। विजय की गिरफ्तारी के बाद मुंबई की ह्यूमन ट्रैफिकिंग पुलिस चौकी को यह पता चला तो हड़कंप मच गया। मुंबई पुलिस भी अब उसके सहयोगी की तलाश और उसके पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है। इंटरपोल एनआईए के मदद से मामून की पत्नी जोशना तक पहुंचना चाहती है।

पुलिस के मुताबिक विजय दत्त मूलतः कछारीपारा बांग्लादेश का रहने वाला है। वह पत्नी जोशना के जरिए बांग्लादेश से गरीब और मजबूर लड़कियां खरीद कर भारत लेकर आता था। जोशना महिला उत्थान संबंधित एक एनजीओ चलाती है व एनजीओ की आड़ में गरीब लड़कियों को नौकरी के बहाने भारत लेकर आती थी। उधर विजय दत्त ने नाम बदल कर भारतीय पासपोर्ट बना लिया था। विजय नगर पुलिस महाराष्ट्र पुलिस को पासपोर्ट संबंधी जानकारी भेज रही है।

पुलिस के मुताबिक विजय लड़कियों को एमडीएमए का डोज भी देता था ताकि लड़कियां एक दिन में सात आठ ग्राहकों तक पहुंच सके। पुलिस यह जांच में जुटी है कि विजय एमडीएमए कहां से खरीदता था। स्थानीय एजेंटों की भी पुलिस को जानकारी पुलिस को मिल चुकी है। पता चला है विजय ने इंदौर में 100 से ज्यादा एजेंटों की फौज खड़ी कर ली थी, जिसमें आफरीन, आमरीन, मीना ठाकुर, प्रमोद बाबा सहित कई दलाल शामिल हैं। अफसर अब उसके पूरे नेटवर्क खंगालने में जुटे हुए हैं।

Posted By: Sameer Deshpande

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