इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि । लड़कियों की खरीद फरोख्त में गिरफ्तार विजय दत्त मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल निकला। पुलिस ने उसके पास से ड्रग्स भी जब्त की है। बांग्लादेश का रहने वाला विजय दत्त उर्फ मोमिन इस धंधे में पिछले दस सालों से हैं। सिंडिकेट ने हर जगह अपने एजेंट बना रखे हैं। बुधवार को प्रेसवार्ता में इसका अधिकृत खुलासा किया गया।

मुंबई के नाला सुपारा में रहने वाले विजय कुमार दत्त से मंगलवार रातभर विजय नगर थाना में पूछताछ चलती रही। इस दौरान उसने पांच हजार से ज्यादा लड़कियों की तस्करी स्वीकारी। विजय ने बताया कि वह बांग्लादेश में बेरोजगार था। पश्चिम बंगाल में धान के खेतों में काम करते हुए मुंबई पहुंचा और लड़कियों की खरीद फरोख्त शुरू कर दी। गरीबी के कारण लड़कियां देह व्यापार के लिए भारत आने लगी थी। विजय इंदौर, सूरत, अहमदाबाद, बैंगलुरु सहित अन्य बड़े शहरों में लड़कियों की सप्लाय करता था। उनके जरिए ड्रग भी भिजवा देता था।

घरों और पार्लर में नौकरी का झांसा देकर खरीदी लड़कियां

आरोपित विजय ने पुलिस को बताया कि बांग्लादेश में गरीबी है। दलालों के जरिए लड़कियों भारत भेजने के लिए तैयार करता और उन्हें घरों में नौकरी व पार्लर में काम का झांसा देकर भारत ले आता था। कुछ दिन नाला सुपारा में रखता और देह व्यापार में धकेल देता था। आरोपित ने यह भी बताया कि कई लड़कियों से उसकी दोस्ती है। उसने कई लड़कियों के साथ शारीरिक संबंध भी बना लिए थे। पुलिस उसके गिरोह से जुड़ी लड़कियों और दलालों की जानकारी जुटा रही है।

बांग्लादेशी है मोमिन उर्फ विजय दत्त

पुलिस की कार्रवाई में विजय का नाम बार-बार आ रहा था, लेकिन पुलिस के पास न तो फोटो था, न ही कोई और जानकारी। इंदौर पुलिस ने मुंबई पुलिस के साथ रैकी कर पकड़ा विजय दत्त को। हालांकि यह उसका अलसी नाम मोमिन है। मोमिन मूल रूप से बाबना जिला रसई, बांग्लादेश का रहने वाला है और वह कई बार भारत आता जाता रहा है। वह शादीशुदा है और दो बच्चे हैं। 25 साल पहले वह भारत आया था और स्थानीय व्यक्ति की मदद से उसने विजय दत्त के नाम से राशन कार्ड बनवाया था। इस राशन कार्ड को दिखाकर उसने आधार कार्ड और वोटर कार्ड बनवा लिया था।

हवाला के जरिये भेजता था पैसा

मोमिन यहां से कमाया पैसा हवाला के जरिये भेजता था। बांग्लादेश सीमा पर ऐसे कई लोग हैं जो यह काम करते हैं। इसके एवज में कुछ हिस्सा लेते है।

प्रदेश सहित देश में कई जगह फैला है नेटवर्क

सिंडिकेट का नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ है। इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, खरगोन, राजगढ़, खंडवा जैसी जगहों पर फैला हुई है। सभी जगह इन्होंने अपने एजेंट बना रखे हैं। मुंबई से यह लोग बांग्लादेशी लड़कियों को इन जगहों तक पहुंचाते थे और यह एजेंट इन्हें आगे भेजा जाता था। इसके अलावा यह सिंडिकेट मुंबई, पुणे, सूरत, अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में भी एजेंट बने हुए हैं।

Posted By: Sameer Deshpande

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