Bhagwat Katha in Indore : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। भगवान भाव के भूखे हैं। जो प्राणी अपनी अंतर आत्मा से भगवान को पुकारता है, भगवान सदा उसकी रक्षा करते हैं। संसार परमात्मा की ही सत्ता है। इसके बाद भी जीव मूर्खतावश संसार की वस्तुओं को अपना समझ बैठता है। प्राणिमात्र को चाहिए कि वह परमात्मा की सबसे बड़ी सत्ता का अनुभव और चिंतन करते हुए जीवन निर्वहन करे ताकि इस माया रूपी संसार में रहते हुए जीव मोक्ष को प्राप्त करें।

यह बात सुदामा नगर नर्मदा सेवा बस्ती में जारी भागवत कथा में गुरुवार को पं. राजेश शास्त्री ने कही। सात दिनी कथा के अंतिम दिन पं. शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता प्रसंग की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि मित्रता हो तो भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा जैसी होना चाहिए। सच्चा मित्र वही है, जो अपने मित्र की समस्या को समझे और बिना बताए ही मदद कर दे। परंतु वर्तमान में स्वार्थ की मित्रता रह गई है। सुदामा से भगवान ने मित्रता का धर्म निभाया और दुनिया के सामने यह संदेश दिया कि जिसके पास प्रेम धन है वह निर्धन नहीं हो सकता। राजा हो या रंक मित्रता में सभी समान हैं और इसमें कोई भेदभाव नहीं होता। आयोजक निर्मल पाटीदार ने बताया कि 27 मई सुबह भागवत कथा ज्ञान यज्ञ की पूर्णता के बाद महाप्रसाद वितरित होगा।

प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की पत्रिका का मुहूर्त, ससंघ आएंगे आचार्य जयंतसेन सूरि

इंदौर। धार रोड स्थित श्री राज राजेंद्र जयंत सेन धाम पर बन रहे चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन श्वेतांबर जिनालय में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की निमंत्रण पत्रिका का मुहूर्त कुंवर मंडली स्थित राजेंद्र आराधना भवन में गुरुवार को हुआ। 1 जून से प्रारंभ होने वाले पांच दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ की तीन फीट ऊंची संगमरमर से बनी मूर्ति स्थापित होगी। आयोजन के लिए 30 मई को आचार्य जयंतसेन सूरि ससंघ शहर में मंगल प्रवेश करेंगे। श्रीसंघ के प्रतिष्ठा संयोजक सोहनलाल पारेख व सचिव अनिल सकलेचा ने बताया कि मंदिर में वासुपूज्य, पद्मप्रभु, मुनिसुव्रत स्वामी व गौतम स्वामी की मूर्तियां स्थापित होंगी।

Posted By: Hemraj Yadav

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