इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि, Bhaiyu Maharaj suicide case Indore। भय्यू महाराज आत्महत्या मामले में गुरुवार को तत्कालीन सीएसपी सुरेंद्र सिंह का प्रतिपरीक्षण हुआ। उन्होंने कहा कि महाराज के पास से पुलिस ने एक डायरी जब्त की थी। इसमें महाराज ने लिखा था कि जीवन से परेशान हूं इसलिए जीवन छोड़ रहा हूं। इस डायरी में उन्होंने आरोपित विनायक को विश्वासपात्र बताया था। सीएसपी ने यह भी स्वीकारा कि मामले में उन्होंने ही मर्ग जांच के तहत कुछ लोगों के बयान दर्ज किए थे। इनमें से किसी ने भी आरोपितों पर शक व्यक्त नहीं किया था। प्रकरण में शुक्रवार को भी सुनवाई जारी रहेगी। इस दिन भी दो गवाहों को तलब किया गया है।

प्रकरण में अब तक ढाई दर्जन से ज्यादा गवाहों के बयान हो चुके हैं। भय्यू महाराज की बेटी कुहू सहित छह गवाह पक्षद्रोही घोषित किए जा चुके हैं। गुरुवार को तत्कालीन सीएसपी सुरेंद्रसिंह के बयान हुए। आरोपितों की तरफ से पैरवी कर रहे सीनियर एडवोकेट अविनाश सिरपुरकर और एडवोकेट धर्मेंद्र गुर्जर ने बताया कि सीएसपी ने महाराज के पास से डायरी जब्त होने की बात स्वीकारी। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में मर्ग जांच करते हुए उन्होंने महाराज के सेवादार कैलाश पाटील और शेखर शर्मा के बयान दर्ज किए थे। दोनों ने अपने बयान में किसी आरोपित के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाए थे। एडवोकेट गुर्जर ने बताया कि सीएसपी ने यह भी स्वीकारा कि शेखर के बयान में आयुषी द्वारा हाथ की नस काटने और आयुषी और कुहू के बीच अक्सर विवाद होने की बात भी सामने आई थी। प्रकरण में शुक्रवार को भी दो पुलिस अधिकारियों को बयान देने के लिए बुलाया गया है।

यह है मामला

भय्यू महाराज ने 12 जून 2018 को कनपट्टी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने घटना के छह महीने बाद उनके तीन सेवादार विनायक, शरद और पलक को महाराज को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोपित तब से जेल में ही हैं।

Posted By: gajendra.nagar

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