Bharat Jodo Yatra: कपीश दुबे, इंदौर (नईदुनिया)। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सड़कों पर चलते कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और अन्य नेता यहां उड़ती धूल की शिकायत करते हैं। मगर यह धूल उनके कपड़ों पर नजर नहीं आती। यात्रा में शामिल हर नेता के कपड़े सफेदी की चमकार बिखेरते हैं। इस चमक के पीछे सफाई की सुविधा जुटाने वाली पूरी टीम दिन-रात काम करती है।

भारत जोड़ो यात्रा में शामिल लोग होटलों में नहीं ठहरते, लेकिन इनके लिए सुविधाएं 'सड़क" पर ही जुटाई गई हैं। यात्रा के साथ हाउस कीपिंग की पूरी टीम साथ चलती है। इसके लिए विशेष मशीनें बुलवाई गई हैं और खास कंटेनर में इन्हें स्थापित किया गया है। मुंबई का दल यह व्यवस्था संभालता है। यहां प्रतिदिन 250 लोगों के कपड़े धुलाई के लिए आते हैं। इसके अलावा चादरें और टावेल भी आते हैं।

घरेलू मशीन से कई गुना क्षमता की वाशिंग मशीन - इस टीम की कमान मुंबई के वेंकटेश मारिमुथु संभालते हैं। वेंकटेश के अनुसार, सात लोगों की टीम कपड़ों पर प्रेस का काम देखती है जबकि 33 लोग हाउसकीपिंग का काम संभालते हैं। हमारे पास आधुनिक मशीनें हैं। सहयोगी बाबूराव बताते हैं, आमतौर पर घरों में इस्तेमाल होने वाली वाशिंग मशीन की तुलना में यहां कई गुना ज्यादा क्षमता की मशीने हैं। इनमें एक बार में 50 कपड़े धुलते और निचुड़ जाते हैं। सुखाने के लिए अलग मशीन है। फिर भी हम धूप में भी कपड़े सुखाते हैं, ताकि समय की बचत हो सके। कंटेनर में कपड़ों को प्रेस करने के लिए विशेष मशीन है, जिसमें वैक्यूम का इस्तेमाल होता है। इससे कपड़ा फिसलता नहीं है और जल्दी काम हो जाता है। यह टीम यात्रा के साथ चलती है। कपड़े धोकर अगली लोकेशन पर अपनी तैयारी शुरू कर देते हैं।

सबके साथ धुलते हैं राहुल के कपड़े - बाबूराव के अनुसार, राहुल गांधी के कपड़े भी सबके साथ ही धुलते हैं। उनके सब मिलाकर 10 कपड़े रोज धुलने आते हैं, जिसमें टी-शर्ट के अलावा मोजे, रूमाल जैसे वस्त्र शामिल हैं। एक दिन में राहुल गांधी के औसत दो से तीन टी-शर्ट धुलने आती है।

Posted By: Hemraj Yadav

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