Bhayyu Maharaj Suicide Case: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। भय्यू महाराज आत्महत्या मामले में मंगलवार को आरोपितों की तरफ से साक्षियों के बयान करवाए गए। इन गवाहों ने कहा कि महाराज अक्सर कहते थे कि आयुषी से शादी जीवन की सबसे बड़ी भूल थी। आयुषी व कुहू के बीच अक्सर होने वाले विवाद से महाराज तनाव में भी रहते थे। मंगलवार को गवाह प्रवीण गाड़गे, शशि देशमुख व शरद शेवलकर का मुख्य परीक्षण और प्रतिपरीक्षण हुआ। प्रकरण में अगली सुनवाई पांच जनवरी को होगी।

गौरतलब है कि भय्यू महाराज ने 12 जून 2018 को कनपट्टी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के करीब छह महीने बाद पुलिस ने महाराज के तीन सेवादारों को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। तीनों आरोपित इसके बाद से जेल में हैं। प्रकरण में अभियोजन की तरफ से 30 गवाहों के बयान हो चुके हैं।

अभियोजन की गवाही समाप्त होने के बाद आरोपितों की तरफ से साक्षियों के बयान करवाए जा रहे हैं। मंगलवार को तीन गवाहों के बयान हुए। आरोपितों की तरफ से पैरवी कर रहे एडवोकेट धर्मेंद्र गुर्जर ने बताया कि इन साक्षियों ने महाराज, आयुषी और कुहू के बीच होने वाले झगड़े के बारे में कोर्ट को बताया और कहा कि इन झगड़ो की वजह से महाराज तनाव में रहते थे।

वे कहते थे कि आयुषी से शादी करना उनके जीवन की सबसे बड़ी भूल थी। साक्षी प्रवीण गाड़गे व शशि देशमुख ने कोर्ट को बताया कि एक बार महाराज ने रिवाल्वर से आत्महत्या की कोशिश की थी। उन्होंने ही महाराज से रिवाल्वर छुड़ाई थी। साक्षी ने यह भी बताया कि एक बार सफाई के दौरान महाराज की गादी के नीचे से नींबू, कंकू तथा एक पुतला मिला था। प्रकरण में अगली सुनवाई पांच जनवरी को होगी।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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