Bhayyu Maharaj Suicide Case इंदौर। नईदुनिया प्रतिनिधि। भय्यू महाराज आत्महत्या मामले में गुरुवार को तीन गवाहों के बयान होना थे लेकिन सिर्फ एक ही गवाह बयान देने पहुंचा। कोर्ट द्वारा तलब किए जाने के बावजूद दो गवाह उपस्थित नहीं हुए। इनमें एक खुद महाराज का दोस्त है और दूसरे के पास महाराज की बेटी कुहू की पुना में देखभाल की जिम्मेदारी थी। जो एकमात्र गवाह बयान देने उपस्थित हुआ वह पुलिस आरक्षक है। उसने स्वीकारा कि उसी ने पोस्टमार्टम के बाद महाराज का शव उनके स्वजन को सौंपा था। प्रकरण में सुनवाई शुक्रवार को भी जारी रहेगी। इस दिन महाराज के सेवादार रहे कैलाश पाटिल को तलब किया गया है।

यह पहला मौका नहीं है जब भय्यू महाराज आत्महत्या मामले में समन जारी होने के बावजूद गवाह उपस्थित नहीं हुए है। गुरुवार को अभियोजन के गवाह अमोल चव्हाण और मनोहर सोनी को बयान देने आना था लेकिन दोनों ही नहीं आए। अमोल ही के पास महाराज ने कुहू के पुना आनेजाने और वहां उसकी व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी थी।

दूसरा गवाह मनोहर महाराज का दोस्त है। वह बुधवार को कोर्ट आया था लेकिन उसने यह कहते हुए बयान देने से इंकार कर दिया था कि उसकी तबीयत खराब है। इस पर कोर्ट ने उसे गुरुवार को उपस्थित होने को कहा था, लेकिन वह आया ही नहीं। गुरुवार को जिस गवाह के बयान दर्ज हुए उसका नाम संदीप राठौर है। लोक अभियोजक विमल मिश्रा ने बताया कि संदीप आरक्षक है। उसने कोर्ट में स्वीकारा कि उसी ने पोस्टमार्टम के बाद महाराज का शव उनके स्वजन को सौंपा था।

शुक्रवार को भी होगी सुनवाई

प्रकरण में शुक्रवार को भी सुनवाई जारी रहेगी। इस दिन अभियोजन के गवाह कैलाश पाटिल को बुलाया गया है। पाटिल को प्रकरण में मुख्य गवाह बताया जा रहा है। आरोप है कि उसी ने सबसे पहले आरोपित पलक, विनायक और शरद द्वारा महाराज को प्रताडित किए जाने की बात कही थी।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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