Bhayyu Maharaj Suicide Case: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। भय्यू महाराज आत्महत्या मामले में शुक्रवार को आरोपित शरद देशमुख की तरफ से अंतिम बहस पूरी हो गई। अब कोर्ट इस मामले में सोमवार को सुनवाई करेगी। उस दिन आरोपित पलक की तरफ से अधूरी बहस की जाएगी। शुक्रवार को शरद की तरफ से एडवोकेट धर्मेंद्र गुर्जर ने तर्क रखा कि महाराज की मृत्यु के छह माह बाद तक किसी भी गवाह ने किसी पर भी दुष्प्रेरणा के आरोप नहीं लगाए थे। अभियोजन की तरफ से प्रस्तुत गवाहों ने यह बात स्वीकारी है कि महाराज के आत्महत्या करने से दो माह पहले तक शरद इंदौर से बाहर था।

गौरतलब है कि भय्यू महाराज ने 12 जून 2018 को कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने उनकी मौत के करीब छह महीने बाद उन्हीं के तीन सेवादार पलक, शरद और विनायक को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोपित फिलहाल जेल में हैं।

प्रकरण में आरोपित शरद की तरफ से शुक्रवार को बहस हुई। एडवोकेट गुर्जर ने बताया कि हमने कोर्ट को बताया कि महाराज द्वारा आत्महत्या करने के बाद सीएसपी मनोज रत्नाकर ने स्वजन के बयान दर्ज किए थे। किसी भी गवाह ने किसी भी तरह के आरोप नहीं लगाए थे। प्रकरण की जांच एक नए अधिकारी को सौंपने के तीन दिन बाद ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया। एडवोकेट गुर्जर ने आरोपित शरद की तरफ से अंतिम बहस पूरी कर ली है। अब सोमवार को आरोपित पलक की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अविनाश सिरपुरकर अंतिम बहस करेंगे।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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