Bhayyu Maharaj Suicide Case: इंदौर। नईदुनिया प्रतिनिधि। भय्यू महाराज आत्महत्या मामले में गुरुवार को डॉ.मयूरी थनवार के बयान हुए। वे घटना के बाद पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंची थीं। उन्होंने अभियोजन की बातों का समर्थन किया। आरोपित पलक की तरफ से हुए प्रतिपरीक्षण में डॉक्टर ने कहा कि जब वे मौके पर पहुंची तो जिस पिस्टल से भय्यू महाराज ने कनपट्टी पर गोली मारी थी वह जमीन पर नहीं बल्कि ढाई फीट ऊंची टेबल पर रखी हुई थी।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें यह भी जानकारी नहीं है कि उनके कमरे में जाने से पहले वहां और कौन-कौन आया था। कोर्ट का समय समाप्त होने से दो अन्य आरोपितों की तरफ से प्रतिपरीक्षण नहीं हो सका। कोर्ट मामले में शुक्रवार को भी सुनवाई जारी रखेगी।

गौरतलब है कि भय्यू महाराज ने 12 जून 2018 को कनपट्टी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने घटना के करीब 6 महीने बाद महाराज के तीन सेवादार पलक, विनायक और शरद को महाराज को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोपित फिलहाल जेल में ही हैं। प्रकरण में अब तक दो दर्जन से ज्यादा गवाहों के बयान हो चुके हैं। गुरुवार को दो गवाहों के बयान होना थे लेकिन एक ही गवाह के बयान हो सके। प्रतिपरीक्षण भी अधूरा रहा जो शुक्रवार को होगा।

बैटरी चोर को पुलिस ने छोड़ा तो फरियादी ने ढूंढकर सौंपा

पोलोग्राउंड में खड़ी गाड़ियों से बैटरी चुराने वाले आरोपित को सुपरवाइजर ने ही पड़ताल कर ढूंढ निकाला। इसकी शिकायत बाणगंगा थाने में की लेकिन कोई पुलिसकर्मी जांच के लिए नहीं गया। बदमाश के सीसीटीवी फुटेज और गाड़ी नंबर व आरोपित का पता भी पुलिस को दे दिया है। इसके बावजूद अब तक पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार नहीं किया है।

सुपरवाइजर आशीष शर्मा का कहना है कि उन्होंने गाड़ियों से बैटरी चुराते हुए आरोपित को देख लिया था। पीछा किया तो उसने मारने के लिए टामी निकाल ली और वह वहां से भाग गया। आरोपित की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज निकाले। तो एक्टिवा क्रमांक एमपी 09 एमडी 5022 ले जाते हुए दिखा। फुटेज दिखाए तो उसकी पहचान रवि निवासी बक्षीबाग के नाम से हुई है। हालाकि सुपरवाइजर ने मामले में लिखित शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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