Bhaiyyu Maharaj Suicide Case: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। भय्यू महाराज आत्महत्या मामले में बुधवार को सरोज सोलंकी के बयान हुए। उसने करीब 17 साल तक महाराज के यहां उनके लिए खाना बनाया था। सरोज ने कोर्ट को बताया कि महाराज की दवाइयां खरीदने की जिम्मेदारी विनायक के पास थी। वही बैंक का लेनदेन भी देखता था। विनायक ही महाराज को दवाइयां देता था। शरद वही काम करता था जो विनायक बताता था। सरोज ने कोर्ट को बताया कि पलक का महाराज के यहां बहुत समय पहले से आना-जाना था। कोर्ट का समय खत्म होने से सरोज का प्रतिपरीक्षण नहीं हो सका। प्रकरण में सुनवाई गुरुवार को भी जारी रहेगी।

प्रकरण में अब तक दो दर्जन से ज्यादा गवाहों के बयान हो चुके हैं। बुधवार को सरोज सोलंकी ने कोर्ट को बताया महाराज को मृत्यु से करीब तीन साल पहले अस्पताल में भर्ती किया गया था। वे दो-तीन दिन भर्ती रहे थे। बाद में मुझे पता चला था कि महाराज को अस्पताल में बिजली के झटके दिए गए थे। सरोज ने कहा कि माधवी भाभी की मृत्यु के पहले से पलक महाराज के घर में आकर रहने लगी थी। वह घर का कामकाज संभालती थी।

जब भय्यू महाराज की पत्नी और कुहू इंदौर आने वाले होते थे तो शरद और विनायक पलक को घर भेज देते थे। अभियोजन की तरफ से पैरवी कर रहे एजीपी गजराजसिंह सोलंकी ने बताया कि सरोज ने कोर्ट को यह भी बताया कि विनायक, शरद और पलक अक्सर अकेले मेें बातें करते थे। जब भी कोई आ जाता था तो बात बंद कर देते थे। सरोज ने कोर्ट को यह भी बताया कि जब भय्यू महाराज की आयुषी से शादी हुई उस दिन पलक वहां मौजूद नहीं थी लेकिन उसने बाद में आकर महाराज से विवाद किया था। एजीपी सोलंकी ने बताया कि गुरुवार को आरोपित पक्ष की तरफ से सरोज का प्रतिपरीक्षण होगा।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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