इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंदौर में 11 साल की माही को किस बंदूक से गोली लगी, यह चार दिन बाद भी स्पष्ट नहीं हुआ। शुक्रवार को भाजपा विधायक रमेश मेंदोला क्षेत्र के पार्षदों के साथ पुलिस आयुक्त से मिलने पहुंचे और आरोपितों को पकड़ने की मांग की। पार्षदों ने आरोप लगाया कि पुलिसवालों की मिलीभगत से इंदौर में ड्रग्स बिक रही है।

हीरानगर थाना क्षेत्र के मां शारदा नगर निवासी 11 वर्षीय माही संतोष शिंदे को 315 बोर की बंदूक से गोली लगी है। पुलिस ने 38 लोगों को चिन्हित किया है जिनके पास बंदूक के लाइसेंस हैं। आठ लोगों से जांच के लिए बंदूकें जमा करवा ली हैं। पहले दौर में घटना स्थल से 200 मीटर की रेंज में रहने वाले लोगों की जांच चल रही है। कलेक्टर कार्यालय से भी शस्त्र लाइसेंस वालों की जानकारी मांगी है। टीआइ दिलीप पुरी के मुताबिक, जिस जगह गोली चली वहां के वीडियो फुटेज भी निकाल लिए हैं। घटना स्थल पर मौजूद प्रत्येक व्यक्ति का सत्यापन कर लिया है। क्षेत्र के संदेही और गोली चलाने में शामिल रहे बदमाशों से पूछताछ शुरू कर दी है। मंगलवार को आसपास कोई कार्यक्रम तो नहीं था, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। एडिशनल डीसीपी ने चार टीमें बनाई हैं।

पार्षद बोले - ड्रग्स में डूबे बच्चे, मरने-मारने पर उतारू

विधायक रमेश मेंदोला शुक्रवार दोपहर माही के पिता संतोष शिंदे, मां रक्षा शिंदे को लेकर पुलिस आयुक्त हरिनारायणाचारी मिश्र से मिले। उनके साथ पूर्व पार्षद चंदू शिंदे, ज्योति शरद पंवार, पूजा पाटीदार, एमआइसी सदस्य राजेंद्र राठौर, सुधीर कोल्हे सहित समर्थक भी थे। विधायक ने आरोपितों को पकड़ने की मांग की। पार्षदों ने कहा क्षेत्र में ड्रग्स बिक रही है। पुलिसवालों को भी तस्करों का पता है। बेचने वालों से हाथ मिलाकर चले जाते हैं। ड्रग्स के कारण बच्चे मरने-मारने पर उतारू हो जाते हैं। आयुक्त ने कहा, पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है। माही की मौत बंदूक की गोली से हुई है, यह स्पष्ट होने के बाद जांच तेज कर दी है। ड्रग बेचने वालों की जानकारी दें तो कार्रवाई भी करेंगे। नार्को हेल्प लाइन पर खबर मिलने पर पुलिस तत्काल कार्रवाई करती है।

मां बोली- हाथ उठा कर बाय कहा और हमेशा के लिए दूर हो गई बच्ची

मैं मंगलवार को बेटी माही और बेटे हार्दिक को गरबा दिखाने ले गई थी। महिलाओं के बीच बैठी थी। मैंने माही से पूछा कि इस बार तुमने गरबे क्यों नहीं खेले। माही ने कहा मेरी इच्छा नहीं है। अगले साल जरूर खेलूंगी। तभी पटाखे जैसी आवाज आई और माही के सिर से खून निकलने लगा। एक परिचित ने गोद में उठाया और मैं पति (संतोष) को बुलाने गई। आसपास के लोगों की मदद से बारोड़ अस्पताल ले गए। माही का खून बंद नहीं हो रहा था। डाक्टर ने स्कीम-54 में राजश्री अपोलो अस्पताल रेफर कर दिया। बच्ची दर्द से कराह रही थी। डाक्टर सीटी स्कैन के लिए ले जाने लगे तो बच्ची ने हाथ उठा कर बाय किया। थोड़ी देर बाद डाक्टर ने कहा बच्ची के सिर में मेटल घुस गया है। जोर देने पर उन्होंने कहा कि सिर में गोली है। थोड़ी देर बाद डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुझे जल्द से जल्द न्याय चाहिए।

एफआइआर में लिखा घर पर गिरने से लगी चोट

नेताओं ने एफआइआर को लेकर भी सवाल उठाए हैं। एफआइआर में घर में गिरने से घायल होना बताया है। टीआइ दिलीप पुरी के मुताबिक, डाक्टर द्वारा प्रथम सूचना गिरने संबंधित दी थी। पुलिस ने पीएम रिपोर्ट के आधार पर गैरइरादतन हत्या का ही केस दर्ज किया है। रिपोर्ट में फायर आर्म्स से गोली चलने का जिक्र भी कर दिया है।

Posted By: Hemraj Yadav

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