इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Black White Tiger Indore। पहली बार अब शहर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में नर ब्लैक टाइगर भी नजर आएगा। गुरुवार को नंदन कानन जूलाजिकल पार्क ओड़िशा से ब्लैक टाइगर के साथ मादा सफेद बाघिन, सिल्वर और गोल्डन फिजन पक्षी के जोड़े और तीन घड़ियालों को लाया गया। दोनों बाघों को लाने के बाद पहले तो नहलाया गया फिर इन्हें पिंजरे में छोड़ दिया गया। चार दिन क्वारंटाइन में रखने के बाद बाघों को बाड़ों में छोड़ा जाएगा। इन सभी को एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत लाया गया है। इनके बदले में नंदन कानन पार्क को एक शेरों और भेडिए के जोड़े के अलावा तीन घड़ियाल भी दिए गए है।

पांच साल बाद एक बार फिर कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में व्हाइट टाइगर नजर आ रहा है। इंदौर जू की आखरी सफेद बाघिन शिवानी की मौत 7 फरवरी को 2016 को हो गई थी। उसकी मौत छह साल की उम्र में किडनी, लीवर और हार्ट फेल होने की वजह से हुई थी। इसके बाद से सफेद बाघ को लाने के लिए स्थानीय जू प्रशासन लंबे समय से प्रयास कर रहा था। सेंट्रल जू अर्थर्टी से अनुमति मिलने और शेरों के बाड़े का काम पूरा होने के बाद अब आखिर इंदौर के प्राणी संग्रहालय में एक नर ब्लैक टाइगर और सफेद टाइगर को लाया गया है। सभी वन्य प्राणियों और पक्षियों को लाने लिए वेटरनरी डाक्टरों की टीम भी साथ गई थी।

कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय के डा. उत्तम यादव ने बताया कि सभी वन्य प्राणी करीब 1400 किलोमीटर का सफर तय कर आए है। चार क्वारंटाइन में रखने के दौरान उनके हाव-भाव और स्वास्थ्य पर नजर रखी जाएगी। ब्लैक टाइगर की उम्र चार जबकि व्हाइट टाइगर की उम्र आठ साल है। मेलानिस्टिक बाघ अपने शरीर पर मौजूद कालीधारियों के कारण खास पहचान रखता है। यह दुर्लभ प्रजाति का बाघ भारत में केवल ओड़िशा में पाया जाता है। 2020 की गणना में यह बात सामने आई थी कि काली धारी वाले बाघों की संख्या मेंं तेजी से कमी आ रही है। घड़ियाल के बदले घड़ियाल बल्ड लाइन बदलने के लिए लाए गए हैं।

Posted By: Sameer Deshpande

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