इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि) Black Fungus in Indore। एमवाय अस्पताल में पांचवी मंजिल पर दो वार्ड में ब्लैक फंगस संक्रमण के 30 मरीज भर्ती हैं। इन्हें एंटी फंगल इंजेक्शन का इंतजार है और चिकित्सक इनकी आंख बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ये सभी इलाज के लिए भर्ती हुए हैं, लेकिन इन्हें एंटी फंगल इंजेक्शन नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में चिकित्सकों के पास यही विकल्प है कि जब तक इंजेक्शन नहीं मिले आंख व साइनस में जहां-जहां फंगस बढ़ रही है उसे निकाला जाए। ऐसे में एमवाय अस्पताल में एक एंटी फंगल इंजेक्शन मिलता है, तो उससे कई मरीजों की आंख सुरक्षित करने की कोशिश की जा रही है। एमवाय अस्पताल में पहले एक वार्ड में ही ब्लैक फंगस के मरीज भर्ती थे, लेकिन अब मरीज बढ़ने पर दो वार्ड में मरीजों को भर्ती किया गया है।

यहां पिछले दिनों ब्लैक फंगस से पांच मरीजों की जान जा चुकी है और चार की आंखें भी निकालनी पड़ी। वैसे इंदौर के अस्पतालों में ब्लैक फंगस से एक दर्जन से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। एमवाय अस्पताल के मेडिसीन विभाग के एचओडी डा. वीपी पांडे के मुताबिक एमवाय में ब्लैक फंगस संक्रमण से भर्ती मरीजों का अभी लाक्षणिक इलाज कर रहे हैं। आंख व साइनस में दूरबीन सर्जरी से फंगस हटाने का प्रयास कर रहे हैं। एंटी फंगल इंजेक्शन की जरूरत है, लेकिन बाजार में यह इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में जब तक यह इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होगा इन मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पाएगा।

इंदौर में अब तक 250 से ज्यादा मरीज इससे संक्रमित हो चुके हैं और आसपास के शहरों से भी काफी मरीज इलाज के लिए इंदौर आ रहे हैं। एंटी फंगल इंजेक्शन नहीं मिलने पर चिकित्सक बाजार में विकल्प के तौर पर उपलब्ध गोलियां व सिरप भी मरीजों को दे रहे हैं।

50 मिलीग्राम के एक इंजेक्शन से दर्जनों आंखें बचाने की कोशिश

नेत्र रोग विशेषज्ञ डा.ओपी अग्रवाल के मुताबिक अभी एम्फोटेरिसन-बी इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ऐसे में चिकित्सक वैकल्पिक तौर पर आंखों के पीछे जहां फंगस का इंफेक्शन ज्यादा है, वहां इंजेक्शन से 3.5 मिलीग्राम प्रति एमएल इंजेक्शन एक मरीज को लगा रहे हैं, ताकि फंगस बढ़ने को तात्कालिक तौर पर रोका जा सके। यह इंजेक्शन नेत्र रोग विशेषज्ञ आंखों की मौजूदा स्थिति को देखकर एमआरआई जांच रिपोर्ट के अनुसार लगाते हैं। इस इंजेक्शन को पांच से सात दिन में फिर लगाना होता है। हालांकि इसके बाद भी मरीज के शरीर में आइवी के माध्यम से एंटी फंगल इंजेक्शन देने की जरूरत होती है, ताकि फंगस को रोका जा सके।

Posted By: Prashant Pandey

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

NaiDunia Local
NaiDunia Local
 
Show More Tags