इंदौर। जून में हुई सीए फायनल और सीए फाउंडेशन परीक्षा के परिणाम मंगलवार को घोषित कर दिए। फायनल में शहर के 11 स्टूडेंट्स ने ऑल इंडिया रैंकिंग में अपना नाम दर्ज कराया। सलोनी जिंदल ने ऑल इंडिया में 6 रैंक प्राप्त की और वे इंदौर शहर में पहले स्थान पर रहीं। सिटी टॉपर की फेहरिस्त में दूसरे स्थान पर संयम मंत्री ने एआईआर 9 और श्रेयस जैन ने एआईआर में 16वां स्थान प्राप्त किया। वहीं सीए फाउंडेशन में जय चेतवानी ने ऑल इंडिया रैंकिंग में 34वां स्थान प्राप्त किया। भोपाल के नयन गोयल ने ऑल इंडिया में पहली रैंक हासिल की है।

सीए फाउंडेशन के स्टूडेंट्स के लिए बेशक थोड़ा निराशाजनक रहा, लेकिन फाइनल के स्टूडेंट्स ने बेहतरीन अंकों के साथ बाजी मारी। इंदौर चैप्टर के 11 स्टूडेंट्स ने ऑल अंडिया 50 रैंक में अपना नाम दर्ज कराया। इसमें से दो स्टूडेंट्स ने टॉप टेन में जगह बनाई। एआईआर 6 रैंक प्राप्त कर शहर में पहला स्थान सलोनी जिंदल ने प्राप्त किया। सिटी टॉपर की लिस्ट में दूसरे स्थान पर संयम मंत्री ने एआईआर 9 और श्रेयस जैन ने एआईआर 16 प्राप्त की है।

इस बार देशभर से इस बार सीए बनने वालों की संख्या 14158 रही, जबकि फाउंडेशन का परिणाम 18.58 प्रतिशत ही रहा। विशेषज्ञों की माने तो फाइनल के स्टूडेंट्स को ऑब्जेक्टिव बेस्ड पेपर का फायदा और फाउंडेशन के स्टूडेंट्स को डिस्क्रेप्टिव आंसर और टफ रिजल्ट देने की रणनीति का थोड़ा नुकसान हुआ।

इसलिए परिणाम में आई गिरावट

पहले फाउंडेशन की परीक्षा सब्जेक्टिव होती थी। बाद में सीपीटी के होने से मल्टीपल चॉइस पैटर्न पर पेपर आने लगा। अब दोबारा परीक्षा सब्जेक्टिव हो गई है। इस बदलाव से भी विद्यार्थियों को थोड़ी परेशानी हुई। इसके अलावा इंस्टीट्यूट ने फाइनल का परिणाम बेहतर बनाने के लिए थोड़ा टफ रिजल्ट जारी किया, इस वजह से भी इस बार परिणाम बेहतर नहीं आया। - सीए पंकज शाह, अध्यक्ष, इंदौर ब्रांच

ऑब्जेक्टिव सवाल का फायदा भी विद्यार्थियों को मिला

इंदौर में सीए चैप्टर ऑफिस के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि एआईआर में 11 स्टूडेंट्स इस शहर के हैं। इस बार 30 अंकों के जो ऑब्जेक्टिव सवाल आए थे, इसका फायदा भी विद्यार्थियों को मिला। डिस्क्रेप्टिव में पूरा उत्तर लिखने के बाद भी पूरे अंक मिलें, यह जरूरी नहीं लेकिन ऑब्जेक्टिव में यह दिक्कत नहीं। इसके अलावा शेष 70 अंकों में से अंक लाने के बाद ऑब्जेक्टिव के अंक भी शामिल होने से परिणाम और भी बेहतर हो गया। - सीए केमिशा सोनी, बोर्ड ऑफ स्टडीज आईसीएआई चैयरपर्सन

टॉपर्स से चर्चा

खुद से वादा करना जरूरी

सलोनी जैन के अनुसार सफलता के लिए समर्पण, धैर्य, सोशल मीडिया से दूरी, तीन साल आर्टिकलशिप के साथ नियमित क्लास अटैंड करना और खुद से वादा करना जरूरी है। मुझे ऑडिट पढ़ने में थोड़ी परेशानी आती थी, लेकिन फिर भी उसे रोज पढ़ती थी, इससे आत्मविश्वास बढ़ा। ऑब्जेक्टिव बेस्ड पेपर होने से या तो पूरे अंक मिलते हैं या पूरे कट जाते हैं। इसका जरूर कुछ हद तक नुकसान हुआ।

वक्त का सही इस्तेमाल सफलता की सीढ़ी

संयम मंत्री कहते हैं कि मैं सीए बनूं यह सपना पैरेंट्स का था। मुझे उम्मीद तो थी कि मैं ऑल इंडिया रैंकिंग मे स्थान बनाऊंगा, लेकिन टॉप 10 में आने की उम्मीद नहीं थी। परीक्षा की तैयारी के लिए आर्टिकलशिप के बाद मिली पांच माह की छुट्टी में हर दिन 10-12 घंटे पढ़ाई की। यही नहीं 9-10 घंटे की भरपूर नींद लेता था, जिससे पढ़ते वक्त न तो थकान लगती थी और ना ही सुस्ती आती थी। यही नहीं इस तरह मैं ज्यादा एकाग्रता से पढ़ सका। मेरा मानना है कि वक्त का सही इस्तेमाल सफलता की सीढ़ी है।

पता थी खुद की क्षमता

श्रेयस जैन के अनुसार पिता से तो सीए बनने की प्रेरणा मिली, साथ ही पारिवारिक पृष्ठभूमि भी इसी क्षेत्र से है, जिसके कारण कोर्स और उसकी टर्मिनोलॉजी को समझना आसान हुआ। मुझे खुद की कमी और क्षमता दोनों ही पता है, जिसके आधार पर मैंने तैयारी की। सीए में सीधा उत्तर किसी प्रश्न का नहीं हो सकता, ऐसे में ऑब्जेक्टिव बेस्ड पैटर्न का लाभ हुआ।

सिटी टॉपर्स लिस्ट

1. सलोनी जिंदल- एआईआर 6

2. संयम मंत्री- एआईआर 9

3. श्रेयस जैन- एआईआर 16

4. अवनि जैन- एआईआर 18

5. तुषार अग्रवाल- एआईआर 19

6. शिवांगी गुप्ता- एआईआर 23

7. उर्वशी खत्री- एआईआर 29

8. नित्या काबरा- एआईआर 29

9. सूरज फतेहचंदानी- एआईआर 43

10. रजत मंत्री- एआईआर 44

11. प्राची बुड़ावनवाला- एआईआर 49

Posted By: Nai Dunia News Network