Pollution In Indore: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड ने आखिरकार करीबन एक महीने के लंबे इंतजार के बाद पीएम 2.5 की गणना शुरू कर दी है। इससे पहले शहर का एक्यूआइ लगातार दो दिन तक 100 से ऊपर भी रहा है। अब शहर के वास्तविक प्रदूषण स्तर के बारे में जानकारी मिल रही है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) द्वारा शहर में रीगल तिराहे पर मौजूद पुलिस कंट्रोल रूम में एक रियल टाइम पाल्युशन मानिटरिंग स्टेशन स्थापित किया गया है, जिसके आंकड़ों के अनुसार बीते दिनों से शहर का प्रदूषण का स्तर अचानक कम हो गया था। जब इसकी जांच की गई तो पता चला कि इसकी गणना में एक महत्वपूर्ण घटक पीएम 2.5 को शामिल ही नहीं किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना था कि अगर ऐसा ही रहा तो वर्षाकाल में इंदौर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 से भी नीचे आ जाएगा। बाद में पता चला कि पीएक 2.5 की गणना करने वाला पूर्जा खराब हो गया है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की वेबसाइट के अनुसार शहर में 8 मार्च से लगातार एक्यूआइ 100 के ऊपर था, लेकिन 27 मई से इसमें कमी आनी शुरू हो गई। बोर्ड सूत्रों का कहना है कि अभी पुलिस कंट्रोल रूम रीगल तिराहे पर लगे रियल टाइम पाल्युशन मानीटरिंग स्टेशन के डाटा भेजे जाते हैं। जानकारी के अनुसार 24, 25 और 26 मई को मशीन पूरी तरह से बंद हो गई थी। इसके बाद मशीन चालू हुई तो इसका पीएम 2.5 की गणना करने वाला पुर्जा खराब हो गया, जिससे अब इसके आंकड़े मिल ही नहीं रहे हैं। इसी के कारण शहर का एक्यूआइ कम आ रहा था। चार दिन पहले यह पूर्जा ठीक हो गया है। अब सही आंकड़े आ रहे हैं। हालांकि इंदौर शहर के विस्तार को देखते हुए इंदौर में एक मशीन के प्रदूषण को मापना उचित नहीं है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के अनुसार इंदौर में करीब नौ स्टेशन होना चाहिए।

Posted By: Sameer Deshpande

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