Indore Court News: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। जिला न्यायालय में वकील बनकर काम करने वाले फर्जी वकीलों के खिलाफ मुहिम शुरू होगी। फर्जी वकीलों की पहचान कर उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराए जाएंगे। मुहिम खुद अधिवक्तागण शुरू करेंगे और इंदौर अभिभाषक संघ फर्जी वकीलों के खिलाफ कार्रवाई में सदस्यों की मदद करेगा। अधिवक्ता राकेश पाल, धर्मेंद्र गुर्जर, उज्जवल फडसे आदि ने बताया कि जिला न्यायालय में कई लोग वकील के रूप में घूम-घूमकर न्यायालय कक्षों में उपस्थित हो रहे हैं। ये लोग अभिभाषक की वेशभूषा में होते हैं। कई तो बैंड तक बांध रहे हैं। इस वजह से फर्जी वकील की पहचान मुश्किल होती है। यही वजह है कि न्यायालय भी इनके कामकाज पर सवाल नहीं उठाता। अब अधिवक्तागण खुद ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

गौरतलब है कि गुरुवार को ही जिला न्यायालय में एक फर्जी वकील पकड़ में आया है। वकीलों ने उसे एमजी रोड़ पुलिस को सौंपकर उसके खिलाफ आपराधिक प्रकरण भी दर्ज कराया है। आरोपित का नाम शिवमसिंह रघुवंशी है। वह वकील नहीं है लेकिन वकील की वेशभूषा में न्यायालय में घूम रहा था और पक्षकारों के बीच राजीनामा करवा रहा था। वकीलों को जब इसकी सूचना मिली तो उन्होंने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।

ये होते हैं फर्जी वकील

नियमानुसार ऐसे लोग जिनके पास न सनद (स्थाई या अस्थाई) नहीं है वे न्यायालय के समक्ष वकील के रूप में उपस्थित नहीं हो सकते। इन लोगों को पक्षकारों से वकील के रूप में बात करने की अनुमति भी नहीं होती, बावजूद इसके ये लोग वकील बनकर न्यायालय परिसर में काम करते रहते हैं। लगातार न्यायालय में आने-जाने से इन लोगों को न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी हो जाती है। इसी का फायदा उठाकर ये लोग खुद को वकील बताने लगते हैं। कई लोग ऐसे भी हैं जो किसी सीनियर अधिवक्ता के यहां नकल निकालने, फोटोकापी करवाने आदि काम करते हैं। कई बार ये लोग वकीलों की वेशभूषा धारण कर न्यायालयों में काम करने लगते हैं।

Posted By: Sameer Deshpande

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