उदय प्रताप सिंह, इंदौर। सीबीएसई द्वारा बोर्ड के विद्यार्थियों के प्रश्न पत्रों को आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है। बोर्ड के प्रश्न पत्रों में वैकल्पिक प्रश्नों को बढ़ाया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को प्रश्नों के ज्यादा विकल्प मिल सकें। परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की संख्या भी बढ़ा रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों को प्रश्न पत्र हल करने का ज्यादा समय मिले। विद्यार्थियों को अभी तक प्रश्नों के दीर्घउत्तरीय जवाब लिखने में ज्यादा समय लगता था, अब उन्हें प्रश्न पत्र हल करने के लिए ज्यादा समय मिलेगा।

ये बातें सीबीएसई के कंट्रोलर ऑफ एक्जामिनेशन डॉ. संयम भारद्वाज ने 'नईदुनिया" से विशेष बातचीत में कही। वे इंदौर सहोदय ग्रुप द्वारा एक्जामिनेशन रिफार्म (परीक्षा प्रणाली में सुधार) के मुद्दे पर शहर के सीबीएसई स्कूलों से चर्चा के लिए शनिवार को इंदौर आए थे।

उन्होंने कहा कि 10वीं की कक्षा में वर्टिकल थिंकिंग के प्रश्न विशेष तरीके से विद्यार्थियों से पूछे जाएंगे। इससे विद्यार्थियों की समालोचनात्मक सोच और प्रायोगिक अनुभव की जानकारी मिल सकेगी। विद्यार्थियों से प्रश्न पत्र में वैकल्पिक प्रश्न पत्र ज्यादा पूछे जाएंगे और विकल्प भी ज्यादा मिलेंगे।

यदि विद्यार्थी एक प्रश्न हल नहीं कर पा रहा है तो उसके पास दूसरे प्रश्न को हल करने का विकल्प रहेगा। इस तरह उन पर परीक्षा का ज्यादा दबाव नहीं रहेगा और जो विद्यार्थी 30 नंबर तक ला पाते थे, वो 40 नंबर ला पाएंगे। इससे पास होने वाले बच्चों की संख्या में इजाफा होगा।

अभी प्रश्न पत्रों में 20 फीसदी ही किया बदलाव

डॉ. भारद्वाज ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में 10वीं में एक विषय पर आधारित पैराग्राफ वाला प्रश्न आएगा। जो किताब में नहीं होगा, लेकिन विद्यार्थी कक्षा में अपनी पढ़ाई के दौरान उसे पढ़ चुके होंगे। हमारी कोशिश यह है कि विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान तनाव न हो। फिलहाल हमने प्रश्न पत्रों में 20 फीसदी तक बदलाव किया है और हम इसमें आगे भी सतत बदलाव करेंगे।

आने वाले दिनों में हम इसमें 100 फीसदी तक बदलाव लाने का प्रयास करेंगे। किसी फैक्टरी की जरूरत के बजाय हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिस तरह लोगों की जरूरत है, उसके हिसाब से सिलेबस और प्रश्न पत्रों में बदलाव कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि सीबीएसई की सेवाएं लोगों को अपने घर के दरवाजे पर मिल सके। यदि किसी विद्यार्थी को डुप्लीकेट प्रमाण पत्र चाहिए तो वो पत्र क्यों लिखता रहे। ये सारे काम हमारे ऑनलाइन सिस्टम से हो सकेंगे।

इस बार भी 10 दिन पहले शुरू हो सकती है बोर्ड परीक्षा

सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा 1 मार्च से शुरू होती है, लेकिन पिछले वर्ष ये तय समय से 10 दिन पहले शुरू हुई थी। इस बार भी 10 दिन पहले परीक्षा शुरू होने की संभावना है, ताकि कॉपियों की जांच और रिजल्ट तय समय पर जारी हो सके।

शनिवार को डॉ. भारद्वाज इंदौर सहोदय ग्रुप द्वारा निपानिया स्थित चोइथराम स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में इंदौर के सीबीएसई स्कूलों के 90 से ज्यादा प्राचार्यों से मिले। उन्होंने परीक्षा में किस तरह बदलाव आने वाले हैं और उसके लिए क्या तैयारियां स्कूलों करनी होंगी, उस पर चर्चा की। प्राचार्यों ने उन्हें अपनी समस्याओं से भी अवगत कराया और परीक्षा संबंधित अन्य मुद्दों पर उनसे बातचीत की।