इंदौर। हम धन कमाने के लिए जितनी चिंता करते हैं, उतनी सत्संग के लिए नहीं करते। हमारे बच्चे संस्कारित होकर अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए आदर्श नागरिक साबित होंगे। भागवत जीवन को उत्साह और उत्सव से सरोबार करने वाला ऐसा दिव्य ग्रंथ है, जिसकी प्रत्येक पंक्ति में जीवन को व्यवस्थित और श्रृंगारित करने के महामंत्र भरे पड़े हैं।

यह बात आचार्य पं. कल्याणदत्त शास्त्री ने कड़ाबीन, एमजी रोड स्थित प्राचीन सत्यनारायण मंदिर पर कही। वे अपनी 61वीं भागवत कथा के समापन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कविता मिश्रा, मोनिका शर्मा, सुधा दीक्षित, अनिता शुक्ला आदि ने व्यासपीठ का पूजन किया। गत सात दिनों से चल रहे भागवत ज्ञानयज्ञ महोत्सव की पूर्णाहुति पर शोभायात्रा भी निकाली गई। समापन अवसर पर आचार्य पं. शास्त्री का सम्मान किया गया। संचालन पं. महेशदत्त शर्मा ने किया।