इंदौर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जबड़े के जोड़ों में जो दर्द होता है, उससे मुंह और चेहरे की मांसपेशियों में खिंचाव आ जाता है, जिससे मरीज को असहनीय दर्द होता है। वह समझ नहीं पाता है कि दांतों के कारण यह दर्द हो रहा है। यह बात अमेरिका से आई दंत चिकित्सक रुचिका सूद ने शनिवार को शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में कही। उन्होंने अमेरिका में सिर, चेहरे और टीएमजे के दर्द का निवारण कैसे किया जाता है, इसकी जानकारी दी। महाविद्यालय में दंत चिकित्सकों और विद्यार्थियों को नई तकनीक व विदेश में ईजाद हुई दांतों की पद्धति से अवगत कराया जा रहा है। इसके तहत अमेरिका के चिकित्सकों को इंदौर आमंत्रित किया गया।

कार्यशाला में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. देशराज जैन ने बताया कि जबड़े के जोड़ों का दर्द मुंह, चेहरे और सिर दर्द का सबसे बड़ा कारण है, क्योंकि यह दर्द धीरे-धीरे कम तीव्रता से लंबे समय तक महसूस होने लगता है। इस दर्द का सबसे बड़ा कारण डॉक्टर और मरीज को भी पता लगाने में मुश्किल होता है। साइंटिफिक कमेटी अध्यक्ष डॉ. संध्या जैन ने बताया कि जबड़े के जोड़ों का दर्द दांत, मांसपेशियों, टीएमटी व मस्तिष्क का मिश्रित रोग है, इसलिए इसे पहचानना मुश्किल होता है। कार्यशाला में डॉ. अजय परिहार, डॉ. प्रशांति रेड्डी, डॉ. शिवानी चंदोरिया, डॉ. अर्पिता श्रीवास्तव और डॉ. दिव्या मेनन उपस्थित थे।