इंदौर। नईदुनिया प्रतिनिधि

दुनिया के सबसे लंबे और तीन सबसे भारी सांपों में शामिल रेटिकुलेटेड पायथन (जालीदार अजगर) सोमवार रात पुणे से इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय (चिड़ियाघर) पहुंचा। करीब 14 फीट लंबे और 90 किलो वजनी इस सांप को 23 घंटे का सफर तय कर उसी ट्रक में लाया गया, जिसमें बब्बर शेर 'पवन' को भेजा गया था। एक बड़े बैग में रखकर लाए गए इस अजगर के साथ वेटरनरी डॉक्टरों की टीम भी थी। फिलहाल इसे 'सांप घर' में रखा गया है।

48 घंटे इसे निगरानी में रखने के बाद दर्शकों के लिए डिस्प्ले किया जाएगा। इस अजगर को एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत साढ़े चार साल के बब्बर शेर 'पवन' के बदले लाया गया है। यह जल्द ही डेढ़ करोड़ की लागत से बने सांप घर की शोभा बनेगा। साथ ही सांप घर में आने वाले दर्शकों को रोमांचित करेगा। चिड़ियाघर प्रभारी उत्तम यादव ने बताया कि इस प्रजाति के सांप की औसत लंबाई 25 से 30 फीट तक होती है, जबकि यह 38 फीट तक भी लंबे होते हैं। ये दुनिया के सबसे लंबे सांप होते हैं। ये दक्षिण और दक्षिण पूर्वी एशिया में पाए जाते हैं। कई देशों में इनका शिकार इनकी त्वचा के लिए किया जाता है। हालांकि अन्य अजगर की तरह ये भी विषैले नहीं होते हैं।

खाने में देंगे जिंदा मुर्गी और खरगोश

फिलहाल इस अजगर को हफ्ते में एक बार भोजन में तीन जिंदा मुर्गी और इतने ही खरगोश देने की योजना है। एजुकेशन ऑफिसर निहार पारुलकर के अनुसार इन सांपों का पाचन तंत्र धीमा होता है। जंगल में कई बार ये दो-दो महीने भी आसानी से भूखे रह लेते हैं। अपने पूरे आकार में बढ़ने के बाद जंगल में ये छोटे हिरण और सूअर के बच्चों को भी शिकार बना लेते हैं।

चिड़ियाघर से गए तीन बब्बर शेर और एक टाइगर

पिछले चार महीने में ही इंदौर चिड़ियाघर से तीन बब्बर शेर और एक टाइगर को देश के अन्य शहरों के चिड़ियाघर में भेजा जा चुका है। हाल ही में बब्बर शेर पवन, भाई सावन और गगन के साथ 11 महीने के टाइगर सिद्धार्थ को चंडीगढ़ भेजा गया था। इनके बदले में चंडीगढ़ चिड़ियाघर ने बबून बंदर, बार्किंग डियर, सारस क्रेन के साथ एक मादा हिप्पो, ब्लैक बग आदि वन्य प्राणियों को भेजा था।

Posted By: Nai Dunia News Network