इंदौर। प्रतिभा होने के बावजूद जो मूक-बधिर सरकारी नौकरी नहीं कर पाते हैं उनके लिए एक अच्छी खबर है। जल्द ही प्रदेशभर के मूक-बधिर युवाओं के लिए इंदौर में कोचिंग सेंटर शुरू हो रहा है। जहां विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे। इसके लिए इंदौर के कोचिंग सेंटरों को पढ़ाने में भागीदारी देने के लिए पत्र लिखे गए हैं।

सरकारी नौकरी में निःशक्तों के लिए हर श्रेणी में 2-2 फीसदी आरक्षण है, लेकिन इसका फायदा मूक-बधिर उम्मीदवार नहीं उठा पाते। दृष्टिबाधित और हाथ-पैर से विकलांग व्यक्ति तो ऑडियो, वीडियो या ब्रेल लिपि से पढ़कर प्रतियोगी परीक्षा पास कर सरकारी नौकरी हासिल कर लेते हैं, लेकिन मूक-बधिर उम्मीदवारों को पढ़ने में बेहद परेशानी आती है। न तो उन्हें पढ़ाने के लिए शिक्षक मिल पाते हैं न ही वे कैसेट से सुनकर विषय समझ पाते हैं। इसी समस्या को लेकर पिछले दिनों प्रदेशभर के युवा मूक-बधिर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से भोपाल में मिले थे। इसके बाद शासन ने इंदौर के सामाजिक न्याय विभाग से प्रस्ताव मांगा तो कोचिंग सेंटर खोलने पर सहमति बनी। हाल ही शासन ने इंदौर में मूक बधिर विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग सेंटर खोलने के आदेश जारी किए। इसमें विद्यार्थियों को बैंक-पीओ, रेलवे, कर्मचारी चयन आयोग, संविदा शिक्षक, पटवारी, आईएएस,आईपीसएस आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाएगी। इंटरप्रिटर (दुभाषिए) के जरिए विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा।

सिर्फ कोचिंग निःशुल्क, रहना-खाना नहीं

योजना में प्रदेशभर के पात्र उम्मीदवारों को कोचिंग निःशुल्क दी जाएगी, जबकि रहने खाने की जिम्मेदारी विद्यार्थी की खुद की होगी। प्रदेश के सभी जिलों के विद्यार्थी इंदौर आ सकेंगे। गौरतलब है कि प्रदेशभर में करीब 13 हजार युवा मूक- बधिर हैं, जिनकी उम्र 35 साल से कम है।

जल्द शुरू होगा सेंटर

शासन से कोचिंग सेंटर खोलने के लिए आदेश मिला है। इंदौर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले कोचिंग संचालकों को हमने पत्र भेजे हैं, जिससे वे अपनी अनुमति दे सकें। जल्द से जल्द सेंटर शुरू होगा। इससे मूक-बधिरों को काफी फायदा मिलेगा।

-भारतसिंह गौर, नोडल अधिकारी, सामाजिक न्याय विभाग, इंदौर

सालों से लड़ रहे थे इसके लिए

सरकार के जटिल नियमों के कारण टोटली मूक-बधिर युवाओं को सरकारी नौकरी में आरक्षण का फायदा नहीं मिल पाता। मूक-बधिर का आरक्षण का लाभ भी हाथ-पैर से विकलांग उम्मीदवारों में एडजस्ट कर देते हैं। इसके लिए हम लंबे समय से सरकार से लड़ रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग सेंटर खुलने से विद्यार्थियों को पढ़ने में आसानी होगी। उन्हें उनका हक भी मिल सकेगा।

- ज्ञानेंद्र पुरोहित, संचालक, आनंद मूक-बधिर संगठन

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