इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मार्कशीट नहीं दिए जाने और कॉलेज संचालक की प्रताड़ना से परेशान होकर बीएड के छात्र ने शुक्रवार को आत्महत्या करने की कोशिश की। परिजन ने तुरंत उसे एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया। जहर खाने से पहले छात्र ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें संचालक पर कई गंभीर आरोप लगाए। मामले में कॉलेज संचालक के खिलाफ मुख्यमंत्री को शिकायत के बाद उच्च शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। तत्काल प्रमुख सचिव ने जांच के निर्देश दिए। अतिरिक्त संचालक कार्यालय ने तीन सदस्य कमेटी बनाई, जिन्होंने छात्र के बयान दर्ज किए। वहीं कॉलेज को सील कर दिया गया। छात्र अजय मिश्रा अरिहंत नगर (एरोड्रम क्षेत्र) स्थित टैगोर शिक्षा महाविद्यालय से बीएड की पढ़ाई कर रहा है। शुक्रवार को उसने सीतलामाता स्थित अपने घर की छत पर जहर खाया। परिजन और दोस्तों को जानकारी लगते ही वे उसे एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां आईसीयू में उसे भर्ती किया गया। लगभग दो घंटे बाद उसे होश आया।

छात्र के जहर खाने की सूचना आग की तरह फैली। मामले में शिकायतकर्ता पंकज प्रजापति ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से शिकायत की। उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ने क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक डॉ. आरटी जाटवा को निर्देश दिए। ओएसडी एसबी सिंह दोपहर 3 बजे छात्र से मिले। तत्काल तीन सदस्यों की कमेटी बनाई, जिसमें जीएसीसी की प्राचार्या डॉ. वंदना अग्निहोत्री, डीसीडीसी डॉ. सुमंत कटियाल, डिप्टी रजिस्ट्रार प्रज्ज्वल खरे को रखा। मामले की गंभीरता को समझते ही कमेटी भी शाम 6 बजे अस्पताल में बयान लेने पहुंची। ओएसडी सिंह ने बताया कि बयान में छात्र ने काफी बातों का जिक्र किया। कॉलेज की अव्यवस्था के बारे में भी बताया। फिलहाल कॉलेज संचालक संजय पारीख से संपर्क नहीं हुआ है। वहीं सराफा थाना टीआई आरएनएस भदौरिया ने बताया कि पुलिस ने भी छात्र के बयान दर्ज कर लिए हैं।

पौधों में डलवाते हैं पानी, नहीं हैं शिक्षक

तीन मिनट के वीडियो में छात्र अजय ने कई चौंकाने वाली जानकारी दी, जिसमें कॉलेज संचालक पर गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि कॉलेज में शिक्षक नहीं हैं। उनके बारे में पूछने पर कॉलेज संचालक पारीख मारने लगते थे। चार-पांच घंटे बेवजह वहां बैठे रहना पड़ता था। कुछ ही छात्र आते थे। बाकी छात्र सिर्फ परीक्षा देने आते थे। खाली दिखने पर संचालक मुझसे वहां पौधों में पानी डलवाते थे। साफ-सफाई भी करवाई। कॉलेज में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए आवाज उठाने पर संचालक गालियां देते हैं और झूठे केस में फंसाने की धमकी देते हैं। बाद में चूहा मार दवाई खाते हुए भी छात्र ने वीडियो बनाया।

नहीं है छात्रों का नामांकन

छात्र अजय मार्कशीट नहीं मिलने से नाराज था। अजय के मुताबिक बीएड फर्स्ट और दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा हो गई है, लेकिन फर्स्ट सेमेस्टर की मार्कशीट आठ महीने बाद भी जारी नहीं की गई है। मार्कशीट नहीं देने की वजह यह है कि कॉलेज ने अभी तक छात्रों का नामांकन नहीं करवाया है, जबकि यह प्रक्रिया पहले सेमेस्टर की पढ़ाई के दौरान विश्वविद्यालय से करवाना अनिवार्य है। चौंकाने वाली बात यह है कि कॉलेज ने अब तक नामांकन को लेकर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में आवेदन नहीं दिया है।

छात्र सुनवाई में दे चुका आत्महत्या की धमकी

अजय ने मंगलवार को मार्कशीट नहीं देने को लेकर विश्वविद्यालय की छात्र सुनवाई में शिकायत की थी। उस दौरान अधिकारियों के सामने जान देने तक की धमकी दी थी। विवि के अधिकारियों को भी संचालक की करतूत के बारे में बताया था। अजय के मुताबिक शिकायत करने पर संचालक पारीख ने मारपीट की थी।

अगले साल की रद्द हो चुकी मान्यता

नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) वेस्टर्न रीजनल कमेटी की बैठक 19 से 21 अगस्त के बीच नई दिल्ली में हुई थी, जिसमें प्रदेश के 44 कॉलेजों की मान्यता खत्म कर दी गई थी। इसमें टैगोर शिक्षा महाविद्यालय भी शामिल था। मान्यता खत्म करने के पीछे कमेटी ने शिक्षकों की कमी, भवन नहीं होना, क्लासरूम समेत अन्य अनियमितता होना बताया था। मान्यता रद्द होने से अगले सत्र 2020-21 में इन कॉलेजों में एडमिशन की अनुमति नहीं होगी।

चार दिन पहले थाने में दिया था आवेदन

मार्कशीट नहीं दिए जाने की शिकायत छात्र ने हर जगह की थी। गांधी नगर थाने में भी आवेदन दिया था। पहले तो थाने पर आवेदन स्वीकार नहीं किया गया। फिर छात्र के हंगामा करने पर लिखित शिकायत ली। जिस पर जांच करते हुए पुलिस ने कॉलेज संचालक पारीख के बयान लिए। टीआई संजयसिंह बैस का कहना है कि मामले में संचालक पारीख से बात की थी। उन्होंने छात्र पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि छात्र का व्यवहार ठीक नहीं है। इसके लिए सात दिन तक उसे कॉलेज से सस्पेंड किया है। फिलहाल कॉलेज को सील कर दिया है।

हंगामा करने पहुंचे छात्रनेता

संचालक के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए एबीवीपी के छात्रनेता भी शुक्रवार को दोपहर 2 बजे कॉलेज परिसर पहुंच गए। मगर वहां संचालक पारीख नहीं मिले। यहां तक कि कॉलेज में ताला लगा था। इस बीच भारी पुलिस बल वहां पहुंचा और छात्रनेताओं को थाने पर बुलाया। पुलिस अधिकारियों ने मामले में जांच करने की बात कही है।

न कॉलेज में, न घर पर संचालक

घटना के बाद से कॉलेज संचालक पारीख ने फोन बंद कर लिया है। न तो वे कॉलेज में थे और न घर पर मिले। इसके चलते पारीख से मीडिया का संपर्क नहीं हो पाया।

Posted By: Nai Dunia News Network