इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। स्मार्ट सिटी द्वारा पिछले तीन वर्षों से शहर के पश्चिमी क्षेत्र में एमओजी लाइन क्षेत्र में विकास की योजना बनाई जा रही है लेकिन उस पर अभी तक अमल नहीं हो सका है। यहां की जमीन पर मौजूद सरकारी आवासों को हटाने का रास्ता साफ होने के पश्चात स्मार्ट सिटी द्वारा इस क्षेत्र में जल्द विकास कार्य जल्द शुरू किया जा सकेगा। गुरुवार को स्मार्ट सिटी कंपनी के अफसरों द्वारा एमओजी लाइन में रहने वाले 38 परिवारों को पीडब्ल्यूडी के आवासों के आवंटन पत्र लाटरी के माध्यम से सौंपे गए।

गौरतलब है कि मप्र शासन द्वारा एमओजी लाइन की भूमि सर्वे क्रमाक 827 व 866 पाट को स्मार्ट सिटी इंदौर को भूमि पुर्नविकास योजना के लिए दी गई है। इस भूमि पर 316 शासकीय आवासों में कर्मचारी रहते है। इन्हें मौजूदा आवास खाली करने के लिए स्मार्ट सिटी द्वारा सूचना-पत्र भी जारी किए जा चुके है। यहां के शासकीय आवासों में रहने वाले 83 कर्मचारियों द्वारा उच्च न्यायलय इंदौर खंडपीठ में एक याचिका दायर की थी। इस पर कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को 31 मार्च तक वैकल्पिक आवास अस्थाई रुप से उपलब्ध करवाने के आदेश दिए है।

स्मार्ट सिटी कंपनी के सीइओ ऋषव गुप्ता ने बताया कि कोर्ट आदेश के पालन करते हुए एमओजी लाइन में रहने वाले 38 याचिका कर्ताओं को स्मार्ट सिटी इंदौर द्वारा लाटरी के माध्यम से अस्थाई रुप से लोक निर्माण विभाग के रिक्त आवासों को आंवटित करने की कार्रवाई की गई। 83 याचिका कर्ताओं में शेष 45 याचिकाकर्ता पूर्व से ही लोक निर्माण विभाग के आवासों में रह रहे है।

Posted By: Sameer Deshpande

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