Indore Abhishek Chendke Column अभिषेक चेंडके, इंदौर, नईदुनिया। जब भी शहर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच होते हैं तो मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन से सरकारी विभाग खुन्नास निकाल ही लेते हैं। क्रिकेट के पास के लिए सरकारी विभागों के ऐसे दबाव झेलना एमपीसीए पदाधिकारियों के लिए हर बार का काम है। दो साल पीएफ विभाग ने निगाहें टेढ़ी की थी, इस बार नगर निगम को बकाया संपत्तिकर की याद आ गई, लेकिन इस बार मैच के एक दिन पहले फेंकी गई टैक्स की गुगली पर एमपीसीए अध्यक्ष अभिलाष खांडेकर ने भी बढ़िया शाट खेला। उन्होंने पास देने की बात सार्वजनिक कर दी और निगम बैकफुट पर आ गया। इस विवाद के बाद नगर निगम के बड़े अधिकारियों ने तो क्रिकेट मैच से दूरी बना ली, लेकिन महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दोनों पारियां इत्मीनान से वीवीआइपी बाक्स में बैठकर देखी। ठीक भी है। विवाद अपनी जगह है। मैच का अपना मजा है...।

स्वच्छता की कतार में भी मारा छक्का

सफाई के लिए इस बार भी अफसरों ने खूब मेहनत की। लिहाजा छक्का लगना ही था, लेकिन पुरस्कार समारोह में जाने का मौका शहर के जनप्रतिनिधियों को भी मिला। सबसे स्वच्छ राज्य का पुरस्कार भी प्रदेश को मिला, लेकिन अवार्ड अफसरों ने ही ग्रहण किया। इंदौर का पुरस्कार लेने सांसद शंकर लालवानी और महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी गए थे, लेकिन पुरस्कार के समय शंकर अपने चिरपरिचित अंदाज में स्टेज पर छाए रहे। दिल्ली में उनकी जमावट तो सांसद होने के नाते हैं ही, इसलिए उन्होंने मंच पर भी छक्का मार दिया। मंच से जनप्रतिनिधियों में सिर्फ उनका नाम पुकारा गया। पुरस्कार की कतार में भी वे दूसरे क्रम पर थे। महापौर के बाद तीन अफसर कतार में थे, लेकिन सबसे आखिरी में खड़े थे कलेक्टर मनीष सिंह, लेकिन उन्होंने श्रेय न लेते हुए खुद के आगे इंदौर के अपर आयुक्त रहे संदीप सोनी को खड़ा कर दिया। हालांकि समारोह के बाद दूसरे शहरों के अफसरों ने सिंह के साथ खूब सेल्फी ली।

नर्मदा ले आए, अब हो रहा आराम

नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण ने 10 साल पहले नर्मदा से शिप्रा को मिलाया। फिर नर्मदा-गंभीर का भी संगम करा दिया, लेकिन अब विभाग में ज्यादा काम नहीं बचा। बड़े अफसरों को एक साथ दो- दो विभागों की जिम्मेदारी दी जा रही है, ताकि उनसे काम लिया जा सके। आइएएस पवन कुमार शर्मा इंदौर संभाग के संभागायुक्त भी है और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण में आयुक्त की कुर्सी भी उन्होंने संभाल रखी है। हाल ही में एक और अफसर को इंदौर विकास प्राधिकरण में भी सिटी प्लानर का काम सौंपा गया है। दो साल पहले तक सरदार सरोवर डैम के प्रभावितों के विस्थापन और पुनर्वास का काम भी प्राधिकरण के जिम्मे था, लेकिन अब भी ज्यादा नहीं बचा। अब इस विभाग में ज्यादातर अफसर फील्ड का बहाना बनाकर आजकर दफ्तरों से गायब रहते हैं।

तुलसी हर बार लेते हैं बुराई मोल

इंदौर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच होते हैं, तो पास के चक्कर में कई लोग तुलसी की माला ही जब्त है। शहरवासियों को पता है कि शहर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के विश्वासपात्र मंत्री तुलसी सिलावट है, इसलिए सभी उनसे पास की आस लगाते हैं। तुलसी की परेशानी इस बार भी यह रही कि किसे पास के लिए हां करे और किसे मना, इस बार भी वे कई लोगों को नाराज कर गए। मैच शुरू होने के दो-तीन दिन पहले तो उनके मोबाइल भी स्वीच आफ रहा। कई मंत्री अफसरों ने तो अपने परिवार को मैच दिखवाने के लिए इंदौर भेज रखा था और सिलावट का नंबर परिजनों को दे रखा था। सिलावट स्टेडियम में तो रहे, लेकिन पूरे समय यही ध्यान रख रहे थे कि स्टेडियम में खास लोगांे की मेहमाननवाजी में कोई कसर न रहे।

Posted By: Sameer Deshpande

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close