इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। एमआरटीबी, एमटीएच व सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या कम होने के कारण यहां मौजूद डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ को एमवायएच भेज दिया गया है। लॉकडाउन खत्म होने के बाद एमवायएच में मरीजों के उपचार व सर्जरी शुरू हो गई। इस वजह से अब यहां पर मरीजों संख्या में लगातार इजाफा होने के कारण यहां पर मेडिकल स्टाफ की लगातार कमी महसूस हो रही है। कोरोना संक्रमण के द्वारा जब एमआरटीबी, एमटीएच व सुपर स्पेशिएलिटी को कोविड केयर सेंटर के इलाज के लिए तब्दील किया गया था, उस समय एमवायएच के मेडिकल स्टाफ की ही ड्यूटी इन हॉस्पिटल में लगाई गई थी।

एमवायएच में मरीजों की संख्या भी बढ़ी

कोविड संक्रमण के दौर में एमवाय हॉस्पिटल में प्रतिदिन 350 मरीजों का इलाज हो रहा था, लेकिन अब यहां पर औसतन 700 मरीज भर्ती हैं। एमवायएच में मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण पहले जहां एमटीएच में यहां के 42 लोगों की ड्यूटी लगाई जाती थी वहीं अब सिर्फ 25 लोगों की ड्यूटी लगाई जा रही है। वहीं एमआरटीबी में पहले जहां 15 लोगों का स्टाफ भेजा जा रहा था वहीं 9 डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जा रही है। इसी तरह सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल में भी मरीजों की संख्या कम होने के कारण यहां के कई डॉक्टरों को एमवायएच भेजा गया है।

वर्जन

जब कोविड के मरीज बढ़ रहे थे उस समय एमवायएच के डॉक्टर्स व नर्सिंग स्टाफ की ज्यादा संख्या में एमटीएच व एमआरटीबी व सुपर स्पेशिएलिटी में ड्यूटी लगाई जा रही थी। अब वहां पर मरीज कम हैं तो मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के निर्देश पर एमवायएच के कम स्टाफ की ड्यूटी वहां लगा रहे हैं। पहले जो स्टाफ वहां काम कर रहा था अब वो एमवायएच में काम कर रहा है।

- डॉ. पीएस ठाकुर, अधीक्षक एमवायएच हॉस्पिटल

Posted By: Nai Dunia News Network

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