नवीन यादव. इंदौर (नईदुनिया) वैश्विक महामारी कोरोना ने निराश्रित बच्चों के जीवन में परेशानी खड़ी कर दी है। कोरोना उनके नए घर जाने में आड़े आ गया। अब इसके लिए उन्हें इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि अच्छी बात यह है कि शहर के विभिन्ना संस्थानों में रह रहे पांच निराश्रित बच्चे इस वित्तीय वर्ष के अंत तक विदेश जा सकेंगे।

बाल संरक्षण अधिकारी अविनाश यादव के अनुसार, हर साल सितंबर तक हमारे संस्थान में रह रहे 20 से अधिक बच्चों को दंपती गोद लेते हैं। हर साल यह प्रक्रिया चलती रहती है। इस बार कोरोना से थोड़ी परेशानी आई है। लोग जिन बच्चों का चयन कर चुके थे, वे अब प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं।

इस बार अब तक केवल पांच बच्चों को नया घर मिला है। इसमें जून में एक, जुलाई में तीन और सितंबर में एक बच्चे को गोद लिया गया। इन बच्चों की उम्र छह साल से अधिक है। यादव के अनुसार, पांच अन्य बच्चों को गोद लेने की भी बात चल रही है।

ट्रेनर रख सिखा रहे हैं अंग्रेजी

यादव ने बताया कि इस साल के शुरू से ही पांच बच्चों को विदेश भेजने के लिए प्रक्रिया चल रही थी। कोरोना के कारण यह आगे बढ़ गई। इस वित्तीय वर्ष के अंत तक यह पूरी हो जाएगी। इन बच्चों में दो भाई हैं जो यूएस जाएंगे, जबकि तीन लड़कियां हैं जो इटली, जर्मनी और सिंगापुर जाएंगी। विदेश जाने वाले बच्चों की उनके होने वाले पालकों से वीडियो कॉल पर लगातार बातचीत करवाई जाती है। ट्रेनर रखकर इन बच्चों को अंग्रेजी और दूसरे शिष्टाचार की भी ट्रेनिंग दे रहे हैं। इससे इन्हें विदेश में दिक्कत नहीं आएगी। इनके मामले एनओसी के लिए कारा केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण में लंबित हैं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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