इंदौर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। सोमवार को टीकाकरण के लिए निर्धारित इंदौर शहर के अस्पतालों में तैयारियां की गई। कई अस्पतालों के परिसर को गुब्बारों से सजाया गया है तो कहीं अस्पताल के बाहर पंडाल और गोले बनाकर उसे वेटिंग एरिया के रूप में तैयार किया गया है। टीकाकरण संबंधित जागरूकता के लिए बैनर व पोस्टर भी लगाए गए हैं। जिन अस्पतालों में एक से ज्यादा टीकाकरण टीमें होंगी वहां वैक्सीन के डोज को बर्बाद होने से बचाया जा सकेगा। गौरतलब है कि वैक्सीन की एक शीशी में से 10 लोगों को टीका लगाया जाता है। टीकाकरण के अंत में जब एक वायल के लिए 10 लोग मौजूद नहीं होते हैं तो उसमें से कुछ डोज बेकार हो जाते हैं। अब जहां दो या तीन टीमें होगी वहां पर अंत में वैक्सीन की एक ही वायल को खोलकर उसमें से दोनों और तीनों टीमों को डोज लगाने के लिए दिए जाएंगे ताकि ज्यादा वैक्सीन के वायल न खुले और वैक्सीन के डोज बेकार न जाए।

एमवायएच में नीला, हरा व लाल टोकन लेकर टीका लगवाना होगा : एमवायएच के ऑडिटोरियम परिसर के पास बने एक कक्ष में तीन टीमें टीकाकरण करेगी। यहां पर स्वास्थ्यकर्मियों की तीन सूची होगी। प्रत्येक सूची में दर्ज स्वास्थ्यकर्मियों को उससे संबंधित रंग का टोकन दिया जाएगा। सोमवार को टीकाकरण के पहले सूची मिलान के बाद स्वास्थ्यकर्मियों को नीला, हरा व लाल रंग का टोकन दिया जाएगा। इसे लेकर ही स्वास्थ्यकर्मी कक्ष में जाएंगे। उस कक्ष में भी टीका लगाने वाली तीनों टीमों की अलग पहचान के लिए पार्टिशन पर संबंधित रंग का कपड़ा व कागज लगाए गए हैं ताकि स्वास्थ्यकर्मी उसे देख अपनी सूची वाली टीम के पास पहुंच सकें। एमवायएच में तीनों टीमों को 1 से 3 नंबर भी दिए गए हैं।

'मैं चिकित्सकों का ऋणी हूं, बिना सहयोग कोविड से लड़ना मुश्किल था'

मैं इंदौर के चिकित्सकों का ऋणी हूं, उनके सहयोग के बिना कोविड संक्रमण से लड़ना मुश्किल था। हम चिकित्सकों के वैज्ञानिक ज्ञान का लाभ लेकर इस बीमारी का प्रभावी नियंत्रण कर पाए। ये बातें इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने रविवार को एक निजी होटल में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की इंदौर शाखा एवं मेनकाइंड फार्मा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कही। इस कार्यक्रम में कोविड-19 महामारी के कारण जिन चिकित्सकों का निधन हुआ उनके परिजनों को सम्मान निधि दी गई। कार्यक्रम में मौजूद कलेक्टर ने दिवंगत चिकित्सकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और डॉ. अजय जोशी, डॉ. शत्रुघन पंजवानी तथा डॉ. गजधर के परिजनों को पांच लाख रुपये की सम्मान राशि का चेक दिया। कार्यक्रम में डॉ. विनोद भंडारी ने बताया कि उनके बचपन के मित्र डॉ. गजधर बीमार होने के बाद अस्पताल में भर्ती होने तक निरंतर रोगियों का इलाज करते रहे और एक सैनिक की भांति कोरोना के नियंत्रण में अपना सब कुछ न्यौछावर किया। इस मौके पर डॉ. हेमंत जैन, डॉ. अरविंद पंचोलिया, डॉ. नटवर शारदा और आइएमए इंदौर शाखा के अध्यक्ष डॉ. सतीश जोशी भी मौजूद थे। उन्होंने भी कोविड के दौरान के अपने अनुभवों व स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा किए गए कार्यों को याद किया।

20 नए मरीज मिले चार दिन से एक भी मौत नहीं

रविवार को इंदौर शहर में 3128 सैंपलों की जांच में बीस नए पॉजिटिव सामने आए हैं। सबसे बड़ी राहत यह है कि पिछले चार दिन से शहर में कोरोना से एक भी मौत नहीं हुई है। कोरोना से अब तक 924 लोग जान गंवा चुके हैं। अब तक सात लाख 62 हजार 408 सैंपल जांचे जा चुके हैं। इनमें से 57 हजार 315 लोग पॉजिटिव मिले हैं। रविवार को 103 मरीज डिस्चार्ज किए गए जबकि फिलहाल 671 मरीजों का इलाज किया जा रहा है।

रेंडम सैंपलिंग के बाद भी अब नहीं मिल रहे कोविड संक्रमित

इंदौर शहर के फीवर क्लीनिक और प्राइवेट लैब में कोविड संक्रमित मरीज कम आ रहे हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही थी कि लोग जांच के लिए लैब या क्लीनिक तक पहुंच नहीं रहे हैं। ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहर के अलग-अलग हिस्सों में रेंडम सैंपलिंग की जा रही है ताकि यह पता किया जा सके कि कहीं लोग संक्रमित होने के बाद भी जांच करवाने से बच तो नहीं रहे हैं। इंदौर में करीब 19 रैपिड रिस्पांस टीम व सैंपलिंग टीम अपने-अपने थाना क्षेत्र के अंतर्गत सैंपलिंग के लिए पहुंच रही है। रविवार को खजराना थाना क्षेत्र के स्कीम नंबर 134 में टीम द्वारा 20 लोगों के रेंडम सैंपल लिए गए। इनका रैपिड एंटीजन टेस्ट किया गया। जांच में सभी लोग निगेटिव पाए गए।

Posted By: Prashant Pandey

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