Coronavirus Alert in Indore : कुलदीप भावसार, इंदौर (नईदुनिया)। इंदौर की जनसंख्या लगभग तीस लाख है। इतने लोगों की सेहत का ध्यान रखने के लिए हमारे पास सिर्फ 2200 एमबीबीएस डॉक्टर हैं। दूसरी पैथियों के चिकित्सकों को जोड़ भी लें तो यह संख्या बमुश्किल तीन हजार तक ही पहुंचती है। यानी एक हजार लोगों पर हमारे पास सिर्फ एक डॉक्टर है। ऐसे में जरूरी है कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए हम विशेष सावधानी बरतें और उपलब्ध संसाधनों का सीमित इस्तेमाल करें। स्वास्थ्य संबंधी छोटी-मोटी समस्या को लेकर डॉक्टर के पास जाने के बजाय उनसे टेलीफोन पर सलाह ले लें। बहुत जरूरी हो तो ही अस्पताल में भर्ती हों, जिससे खाली बिस्तर पर किसी कोरोना पीड़ित मरीज के लिए उपलब्ध करवाए जा सकें। आईएमए, नर्सिंग होम एसोसिएशन, होम्योपैथिक डॉक्टर एसोसिएशन सभी मदद को तैयार हैं लेकिन जिम्मेदारी हमारी भी है। हमें संकल्प लेना होगा कि हम कोरोना वायरस को फैलने नहीं देंगे।

10 लोगों पर हो एक डॉक्टर : प्रदेश आईएमए के उपाध्यक्ष डॉ. संजय लोंढे के अनुसार आईएमए इंदौर में 2200 सदस्य रजिस्टर्ड हैं। इनमें 300 के लगभग विशेषज्ञ भी शामिल हैं। इसमें होम्योपैथी, आयुर्वेदिक और यूनानी पैथी के रजिस्टर्ड चिकित्सकों को शामिल कर लें तो यह संख्या करीब तीन हजार पहुंच जाती है। आदर्श स्थिति में 10 लोगों पर एक डॉक्टर होना चाहिए, लेकिन हमारे पास इंदौर में एक हजार लोगों पर एक डॉक्टर हैं। नर्सिंग होम एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार इंदौर के 275 अलग-अलग अस्पतालों में करीब 3500 बिस्तर उपलब्ध हैं। इनमें से एक हजार के लगभग सिर्फ एमवायएच में हैं जिन पर हमेशा मरीज भर्ती रहते हैं। दूसरे अस्पतालों में उपलब्ध बिस्तर पर 60 से 70 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी हमेशा रहती है। यानी हमारे पास कोरोना से लड़ने के लिए अलग-अलग अस्पतालों में एक हजार से भी कम बिस्तर हैं।

250 वेंटिलेटर और तीन हजार नर्सिंग स्टाफ : इंदौर के अलग-अलग अस्पतालों में करीब ढाई सौ वेंटिलेटर हैं। मरीजों की देखरेख के लिए हमारे पास तीन हजार के लगभग ट्रेंड नर्सिंग स्टाफ भी है। इसके अलावा सात हजार पैरा मेडिकल स्टाफ है। इसके जिम्मे ही अस्पताल की व्यवस्थाएं (जैसे वार्ड बॉय, ट्रॉली वाले, एक्स-रे तकनीशियन, लैब में काम करने वाले) आदि होती हैं।

इन बातों का रखें ध्यान...

- भीड़भाड़ वाले इलाके में जाने से बचें, लोगों से हाथ न मिलाएं।

- बार-बार साबुन या सैनिटाइजर से हाथ साफ करते रहे।

- घरों में ही रहें, बाहर निकलने से बचें, कहीं जाना जरूरी हो तो गेट के हत्थे आदि को छूने से बचें।

- दूसरे व्यक्ति से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखें।

- अत्यधिक जरूरी होने पर ही अस्पताल में जाएं।

- विदेश से लौटे व्यक्तियों या उनके द्वारा इस्तेमाल की गई वस्तुओं के संपर्क में आने से बचें।

- सर्दी-खांसी होने पर डॉक्टर से टेलीफोन पर संपर्क करें।

नर्सिंग होम एसोसिएशन प्रशासन की मदद को तैयार है। आदेशानुसार हमने अस्पतालों में बिस्तर तैयार कर लिए हैं। अस्पतालों में भर्ती मरीजों को जल्द से जल्द डिस्चार्ज करने की कोशिश की जा रही है जिससे ज्यादा से ज्यादा बिस्तर खाली रखे जा सकें। आईसीयू में भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं। हमें आशंका है कि पैरा मेडिकल स्टाफ मदद से पीछे हट सकता है। हम इससे निबटने के लिए स्टाफ को लगातार प्रशिक्षण भी दे रहे हैं। - डॉ. विनोद अरोरा, अध्यक्ष नर्सिंग होम एसोसिएशन इंदौर

हमने होम्योपैथी चिकित्सकों की सूची प्रशासन को सौंप दी है। स्कीम 54 में हमारे पास 25 बिस्तरों वाला अस्पताल तैयार है। हमने प्रशासन से कहा है कि इसका उपयोग किया जा सकता है। यहां दूसरी पैथी के डॉक्टर भी आकर इलाज करें तो हमें दिक्कत नहीं है। - डॉ. एके द्विवेदी, विभागाध्यक्ष एवं सदस्य आयुष मंत्रालय

Posted By: Prashant Pandey

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