कुलदीप भावसार इंदौर (नईदुनिया)।Coronavirus in Indore : कोरोना की एक भयावह तस्वीर सामने आ रही है। इसके इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हर दसवां मरीज मौत का शिकार हो रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि पॉजिटिव मिले हर पांच मरीजों में से एक ऐसा है जिसमें बीमारी के कोई शुरुआती लक्षण नजर ही नहीं आए। अचानक तबीयत बिगड़ी, अस्पताल ले जाने पर पता चला कि मरीज को कोरोना है।

शहर में अब तक 213 लोगों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से 23 इलाज के दौरान दम तोड़ चुके हैं। इनमें से किसी ने एक दिन तो किसी ने 16 दिन तक मौत से लड़ाई लड़ी, लेकिन अंततः हार गए। डॉक्टरों का कहना है कि शुरुआती लक्षणों के बाद ही इलाज शुरू हो जाए तो कोरोना को हराना आसान होता है।

एमजीएम मेडिकल कॉलेज की लैब में कोरोना की जांच 21 मार्च से शुरू हुई है। अब तक 2880 सैंपल जांचे जा चुके हैं। इनमें से 213 मरीजों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से करीब 160 की हालत फिलहाल स्थिर है, जबकि 13 ऐसे हैं जो गंभीर हैं और जीवन रक्षक यंत्रों के सहारे हैं। गुरुवार शाम तक शहर में 23 लोग कोरोना की वजह से मौत के के आगोश में समा चुके थे।

इस लिहाज से अस्पताल में कोरोना की वजह से भर्ती हर दसवें मरीज की इलाज के दौरान मौत हो रही है। मरीजों की हिस्ट्री और अन्य जानकारियों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि इन 213 मरीजों में से करीब 40 ऐसे हैं जिनमें कोरोना का कोई शुरुआती लक्षण नजर ही नहीं आया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब हर रहवासी की स्क्रीनिंग की और सैंपल लिए तो पता चला कि उन्हें कोरोना है।

धार रोड डी सेक्टर निवासी 49 वर्षीय महिला में कोरोना की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनके स्वजन के सैंपल लेकर जांच की तो पता चला कि उनके परिवार के दो अन्य सदस्यों में भी कोरोना संक्रमण है।

जबकि इन दोनों में बीमारी के कोई लक्षण नहीं थे। ऐसी ही कहानी पॉजिटिव पाए गए कई मरीजों की है। डॉक्टर भी मानते हैं कि ऐसे भी मरीज सामने आ रहे हैं जिनमें कोई शुरुआती लक्षण नजर ही नहीं आता। ऐसी स्थिति में डॉक्टरों की चिंता भी बढ़ गई है।

महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर

जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है उन पर कोरोना आसानी से हमला कर देता है। अच्छी रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले मरीज इस बीमारी को आसानी से हरा देते हैं। अब तक सामने आए आंकड़ों के मुताबिक पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में इस बीमारी से लड़ने की क्षमता ज्यादा है। शहर में अब तक कोरोना से हुई 23 मौतों में 18 पुरुष और 5 महिलाएं हैं। जिन पांच महिलाओं की कोरोना की वजह से मौत हुई है उनकी औसत उम्र 61.4 वर्ष है। बीमारी की वजह से दम तोड़ने वाली सबसे बुजुर्ग महिला की उम्र 80 साल और सबसे छोटी महिला की उम्र 49 साल है।

ये हैं कोरोना के शुरुआती लक्षण

तेज बुखार, खांसी, बदन दर्द, सांस लेने में दिक्कत

इस वजह से आ रही है दिक्कत

शुरुआत में डॉक्टर से संपर्क करने के बजाय लोग मेडिकल स्टोर से दवाई ले लेते हैं ।

जब तक मरीज अस्पताल पहुंचता है तब तक वायरस फेफड़ों को नुकसान पहुंचा चुका होता है

रोग प्रतिरोधक क्षमता का असर दवाईयों के प्रभाव पर भी पड़ता है।

मधुमेह, मोटापा, दमा, दिल की बीमारी वाले मरीजों के इलाज में दिक्कत आती है। वायरस इन पर आसानी से हमला कर देता है।

जिन्हें दूसरी बीमारियां उन्हें ज्यादा खतरा

जिन मरीजों में कोरोना के अलावा अन्य बीमारियां जैसे मधुमेह, थायराइड, मोटापा, दिल की बीमारी इत्यादि हैं उनमें रिकवरी धीरे होती है। व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता का सीधा असर पड़ता है।

इनका कहना है

यह बात सही है कि कई मरीजों में कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण नजर नहीं आते। जरूरी है कि आशंका होने पर ही डॉक्टर से संपर्क करें और बीमारी की जांच करवाएं ताकि इलाज जल्द से जल्द शुरू हो सके।

डॉ.सलिल भार्गव, विभागाध्यक्ष, पल्मोनरी मेडिसिन एमजीएम मेडिकल कॉलेज

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस