Coronavirus in Indore : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। स्वच्छता में तीन बार नंबर वन आकर देश-दुनिया में नाम कमाने वाला इंदौर इन दिनों कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों की वजह से सुर्खियों में है। एक के बाद एक नए इलाकों में कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आ रहे हैं। सोमवार से पुलिस-प्रशासन ने कर्फ्यू और लॉकडाउन में और सख्ती बरतते हुए शहर में प्रवेश की सीमाओं पर चौकसी और शहर के भीतर भी सख्ती बढ़ा दी, लेकिन यही कदम लॉकडाउन के पहले दिन ही उठा लिया जाता तो कोरोना संक्रमण के मामले में आज इंदौर की तस्वीर भी कुछ और होती।

इंदौर में कोरोनो संक्रमण के मामले जिस तेजी से बढ़ रहे हैं, उसने इंदौर के साथ-साथ पूरे प्रदेश और आसपास के प्रदेशों को भी चिंता में डाल दिया है। यहां से राजस्थान पहुंचे व्यक्तियों ने वहां भी कुछ जिलों में संक्रमण फैला दिया। प्रदेश के कई जिलों में तो कलेक्टरों ने यह आदेश जारी कर दिए कि इंदौर से आने वाले व्यक्तियों की न सिर्फ बारीकी से जांच की जाए बल्कि उन्हें क्वारंटाइन किया जाए।

ये गलतियां पड़ी भारी

1. रंगपंचमी पर निकलने वाली गेर को लेकर प्रशासन निर्णय नहीं कर सका और आयोजकों पर छोड़ दिया। अस्पष्टता के बीच रंगपंचमी वाले दिन सैकड़ों लोग राजवाड़ा पहुंच गए।

2. जनता कर्फ्यू के दौरान पुलिस और जिला प्रशासन में समन्वय की कमी दिखी। लोग शाम पांच बजे सड़कों पर उतर आए और सैकड़ों लोग राजवाड़ा पर आ पहुंचे। इसके अलावा पाटनीपुरा में भी कई लोग समूह में ढोल-बाजे लेकर पहुंच गए।

3. एयरपोर्ट पर ही स्क्रीनिंग का फोकस किया गया, ट्रेन और बस से आने वाले यात्रियों को लेकर कोई योजना नहीं बनाई।

4. चंदन नगर और रानीपुरा में मामले मिलने के बाद यहां क्वारंटाइन करने में ढिलाई बरती गई और जांच में भी तेजी नहीं लाई गई।

5. लॉकडाउन के दौरान लोग सड़कों पर निकलते रहे, परंतु सख्ती नहीं की गई।

6. आवश्यक वस्तुओं जैसे दूध, राशन व सब्जी की आपूर्ति को लेकर लॉकडाउन में छूट दी गई, लेकिन शारीरिक दूरी कायम रहे, यह सुनिश्चित नहीं किया गया।

7. छूट को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई, कभी ऑड-ईवन तो कभी सुबह और शाम को छूट देने की बात कही गई।

8. क्वारंटाइन सेंटर और कोविड अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता नहीं की गई, एमआरटीबी अस्पताल से मरीजों के भागने की घटनाएं हुईं।

9. जिन क्षेत्रों में कोरोना मरीज मिल रहे थे, वहां पूरी तरह सील नहीं किया गया और शारीरिक दूरी का पालन नहीं करने पर यह संक्रमण तेजी से क्षेत्र में फैल गया।

10. अल्पसंख्यक वर्ग के केस ज्यादा मिलने पर उन्हें यह समझाने में प्रशासन विफल रहा कि टीमें उनके भले के लिए जांच करने पहुंच रही हैं। सोशल मीडिया पर चल रहे भ्रामक मैसेज को लेकर लापरवाही बरती गई और संवेदनशील इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ सुरक्षा बल नहीं भेजा गया। इस कारण टाटपट्टी बाखल जैसी घटना हुई।

सख्त कार्रवाई होगी...

कर्फ्यू और लॉकडाउन का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्ती की जा रही है। बिना वजह कोई भी घूमता मिला या सब्जी बेचता या खरीदता पाया गया तो उसे तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा। नियम तोड़ने की अनुमति किसी को नहीं है। सुबह से पांच विशेष वाहन शहर में घूमेंगे। गिरफ्तार लोगों को तत्काल अस्थायी जेल में भेज दिया जाएगा। विवेक शर्मा, आईजी

लॉकडाउन का 98 फीसदी तो पालन हो रहा है, एक-दो फीसदी बचा होगा। अब हमने अस्थायी जेल बना दी है। जो लॉकडाउन में बाहर घूमते पाए गए तो उनको जेल में डाल देंगे। कंटेनमेंट एरिया में भी कैमरे लगा दिए हैं। बचे हुए इलाकों में कैमरे लगाएंगे। अब खजराना के 12 हजार मकानों के लिए आदेश निकाल रहे हैं। यहां एक-एक घर का सर्वे किया जाएगा। -मनीष सिंह, कलेक्टर

Posted By: Nai Dunia News Network

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