Coronavirus in Indore : उदय प्रताप सिंह, इंदौर। शहर के प्रमुख होटल, रेस्त्रां व फूड आउटलेट से ऑनलाइन फूड डिलिवरी की प्रक्रिया धीरे-धीरे शुरू हो रही है। ऐसे में 56 दुकान से फूड डिलिवरी के पहले यहां लोकल इमरजेंसी रिस्पांस टीम गठित की जाएगी। यहां की दुकानों के लिए बनाई जाने वाली कॉमन टीम यहां के फूड आउटलेट के कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच करेगी कि किसी को कोई बीमारी तो नहीं है, संस्थान अपने कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ उनके स्वास्थ्य का ब्योरा रख रहे हैं या नहीं है। यह टीम फूड आउटलेट के किचन व परिसर में भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा तय सुरक्षा व सफाई के मापदंडों का पालन भी कराएगी।

शुक्रवार को एफएसएसएआई की ट्रेनिंग पार्टनर एजेंसी इंडिया नियर्स फूड सेफ्टी मैनेजमेंट के प्रतिनिधियों ने 56 दुकान परिसर के 47 दुकानदारों को फूड सेफ्टी के लिए कोविड-19 के तय मापदंडों का ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ दुकानदारों को रियल टाइम टेस्ट हुआ। उन्हें एफएसएसएआई द्वारा प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। ट्रेनिंग में दुकानदारों को सब्जियां, फल व खाद्य सामग्री को उपयोग के पूर्व कीटाणुमुक्त करने, फूड डिलिवर के समय शारीरिक दूरी व सुरक्षा के तरीकों के बारे में बताया गया। एफएसएसएआई के तय मापदंडों के मुताबिक हर फूड बिजनेस ऑपरेटर को अपने प्रतिष्ठान में लोकल इमरजेंसी रिस्पांस टीम का गठन करना अनिवार्य किया गया है।

10 फीट के किचन में चार से ज्यादा नहीं रहेंगे कर्मचारी

शहर में कई फूड आउटलेट काफी छोटी सी जगह में संचालित होते हैं और इनमें किचन की जगह भी बहुत सीमित होती है। एफएसएसएआई के नए मापदंड के मुताबिक फूड आउटलेट के 10 फीट के किचन में चार से ज्यादा कर्मचारी नहीं रहेंगे।

सराफा चौपाटी के दुकानदारों को जल्द देंगे प्रशिक्षण

इंडिया नियर्स फूड सेफ्टी मैनेजमेंट की संचालक शालू दुआ के मुताबिक इंदौर में अभी तक बेकरी एसोसिएशन, मसाला एसोसिएशन, वाटर एसोसिएशन व शहर की कई फैक्टरियों सहित 15 दिन में करीब 300 लाइसेंस होल्डर व दुकानदारों को प्रशिक्षण दिया है। अभी सबसे ज्यादा फूड वेंडर को प्रशिक्षण के लिए टारगेट किया जा रहा है। 56 दुकान के बाद अब जल्द ही कन्फेक्शनरी एसोसिएशन, नमकीन व मिठाई एसोसिएशन, होटल रेस्त्रां व सराफा चौपाटी के दुकानदारों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा।

छोटे दुकानदार को तीन-चार हजार रुपये करने होंगे खर्च

एफएसएसएआई द्वारा फूड आउटलेट की तय गाइडलाइन के मुताबिक मास्क, सैनिटाइजर सहित खाद्य सामग्री व दुकान को कीटाणुमुक्त करने को लेकर उपयोग किए जाने वाले केमिकल का उपयोग करने पर एक छोटे से छोटे दुकानदार को तीन से चार हजार रुपये खर्च करने होंगे।

फूड बिजनेस ऑपरेटर को इन गोल्ड रूल का करना होगा पालन

- शारीरिक दूरी का कर्मचारी ध्यान रखें।

- कर्मचारियों के कार्यस्थल पर आने से पहले थर्मल स्क्रीनिंग हो।

- कर्मचारी फेस मास्क, ग्लव्स व कैप का इस्तेमाल करें।

- कर्मचारी की मेडिकल पृष्ठभूमि की भी जांच।

- हर दिन कर्मचारी के स्वास्थ्य पर नजर रखें, बीमारी के लक्षण दिखने पर क्या किया गया, यह भी रजिस्टर में दर्ज किया जाए।

- किसी कर्मचारी की तबीयत खराब होने पर उसे क्वारंटाइन करना होगा।

- कार्यस्थल पर कर्मचारी में बीमारी के लक्षण दिखने पर कोविड-19 टीम को सूचना देनी होगी।

- कर्मचारी घर से अपनी बीमारी के संबंध में सूचना दे तो उसे छुट्टी देनी होगी।

- बायोमेट्रिक मशीन, पेन, डायरी व फाइल का इस्तेमाल न करें।

- ऑनलाइन पेमेंट व ई-पेमेंट गेटवे का इस्तेमाल करें।

- खाद्य पदार्थ तैयार किए जाने वाले बर्तनों को गर्म पानी से धोया जाए।

फूड डिलिवरी के लिए अभी तक 56 दुकान के चार आउटलेट को अनुमति मिली है। धीरे-धीरे अन्य आउटलेट को भी अनुमति मिलेगी। फिलहाल एफएसएसएआई के कोविड-19 के तय मापदंडों के संबंध में छप्पन के 47 आउटलेट के संचालकों ने अनुमति मांगी है। हम 56 दुकान परिसर में जल्द ही एक कॉमन लोकल इमरजेंसी रिस्पांस टीम गठित करेंगे जो हर दुकान पर तय मापदंडों की निगरानी करेगी। गुंजन शर्मा, अध्यक्ष, छप्पन दुकान व्यापारी एसोसिएशन

Posted By: Nai Dunia News Network

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