मालवा-निमाड़ (हमारे प्रतिनिधि)। Coronavirus in Madhya Pradesh :कोरोना वायरस से संक्रमण से बचाव के लिए लागू लॉकडाउन के बीच लोग पैदल या जो भी वाहन मिल रहे, उसमें भेड़-बकरियों की तरह ठुंसे हुए जा रहे हैं। रविवार को नईदुनिया टीम ने महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात से जुड़ी जिलों की सीमाओं का जायजा लिया तो कुछ चौकियों पर पुलिसकर्मी तक नहीं मिले। शारीरिक दूरी के निर्देश का पालन भी नहीं हो रहा है। लोगों की संख्या अधिक होने से व्यवस्थाएं बौनी हो रही हैं।

बड़वानी : महज जिले के लोगों के ही नाम लिखे जा रहे

जिले से लगी महाराष्ट्र सीमा से बेखौफ बड़ी संख्या में लोग प्रवेश कर रहे हैं। मुख्य रूप से सेंधवा क्षेत्र स्थित एबी रोड से बड़ी संख्या में वाहनों में सवार लोग आ रहे हैं। सीमा पर बनी जांच चौकी में महज जिले के वासियों के नाम लिखे जा रहे हैं। खेतिया व पाटी क्षेत्र में भी लोग अन्य प्रदेशों से जिले में आ रहे हैं। कलेक्टर अमित तोमर ने कहा कि बाहर से आने वालों पर गांवों में सचिवों के माध्यम से नजर रखी जा रही है। बाहर से आए जिले के लोगों को घर में ही रहने के निर्देश दिए हैं।

पिटोल : नियमों की धज्जियां उड़ रहीं

मप्र-गुजरात सीमा पर स्थित झाबुआ के पिटोल से करीब 30 हजार लोग प्रतिदिन आवागमन कर रहे हैं। गुजरात से बसों से व पैदल लोग सीमा तक आ जाते हैं। इस रास्ते से प्रदेश के अलावा उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। बिना शारीरिक दूरी बनाए लोग वाहनों से गुजरात से लाए जा रहे हैं। रविवार दोपहर तक 13 हजार से अधिक लोग सीमा पर पहुंचे। पैदल यात्रियों का यह दृश्य कई किमी तक देखने को मिल रहा है। ऐसे में प्रशासन बेबस है।

बुरहानपुर : हो रही जांच- महाराष्ट्र से पैदल आ रहे लोगों की जांच की जा रही है। अब तक करीब 500 लोग महाराष्ट्र से आ चुके हैं। मुंबई, जलगांव, भुसावल, रावेर सहित अन्य शहरों में फंसे लोग मदद नहीं मिल पाने से पैदल ही सैकड़ों कि मी घरों की ओर जाने के लिए मजबूर हैं। बुरहानपुर पहुंचने पर इनका चेक पोस्ट पर ही जांच कराकर जिला अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। स्वस्थ निकलने पर सभी को रवाना कर दिया गया है।

खरगोन : बीहड़ वाले रास्तों में जांच नहीं

दूसरे शहरों के साथ ही गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान से बिना जांच के लोग आ-जा रहे हैं। झिरन्या और भगवानपुरा में सीमा चौकियों पर जांच हो रही है। महाराष्ट्र से जिले में आने वाले छोटे और बीहड़ रास्तों पर जांच की व्यवस्था नहीं है। भीकनगांव में रविवार को भरुच से 35 लोग आए। इनकी जांच नहीं की गई। वे गांवों में लौट गए। झिरन्या में चित्तौड़गढ़-भुसावल राजमार्ग पर चौकी शेरी नाके पर चेकिंग की जा रही है। सुलाबैड़ी, कालिकुंडी, मांझल, नीलीखाली आदि मार्गों पर जांच की व्यवस्था नहीं है। सिरवेल में जांच के बाद बाहर से आए लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी जा रही है।

आलीराजपुर : क्वारंटाइन किया क्षेत्र में गुजरात सहित समीप के अन्य प्रांतों से लोगों का लौटना जारी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सीमा पर जांच के बाद अब तक ऐसे 3700 लोगों को होम क्वारंटाइन किया जा चुका है।

मंदसौर : तीन दिन में 2250 लोगों को पहुंचाया

जिले में तीन दिन में राजस्थान के रावतभाटा, कोटा, जोधपुर, जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा सहित हरियाणा के फरीदाबाद, मानेसर आदि क्षेत्रों से करीब 2250 लोग जिले के विभन्न क्षेत्रों में पहुंचे। इनमें से अधिकांश सड़क या रेलवे पटरी किनारे पैदल ही आए थे। जिला प्रशासन ने सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद बसों व अन्य वाहनों से इनके घरों के लिए भेज दिया।

रतलाम : सीमाओं पर व्यवस्था चाक-चौबंद

रतलाम में प्रशासन ने शनिवार को जिले में फंसे 1700 से अधिक लोगों को वाहनों इनके घर भेजने की व्यवस्था की गई, जो रविवार से बंद कर दी गई। इसके बाद लोगों के आने-जाने का क्रम जारी है। कोई बगैर अनुमति के वाहनों से गंतव्य तक पहुंच रहा है तो कोई कई किमी की पैदल दूरी तय कर। जिले की सभी सीमाओं पर व्यवस्था चाक-चौबंद है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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