मालवा-निमाड़ (हमारे प्रतिनिधि)।Coronavirus in Malwa Nimar उज्जैन में एक और कोरोना पॉजिटिव मरीज मिला है। इसे मिलाकर अब तक छह मरीज सामने आए हैं। इनमें से दो की मौत हो गई। इधर, सीमाएं सील होने से हजारों लोग वहीं फंस गए हैं।

मासूम को बैग में बैठाकर 400 किमी दूर पैदल चले, सीमा सील होने से अटके

बड़वानी के सेंधवा क्षेत्र में एबी रोड पर पलासनेर सीमा पर मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। सीमा सील कि ए जाने से लोगों ने आक्रोश व्यक्त कि या। झाबुआ जिले के गांव कु शलपुरा निवासी निर्मल राठौड़ परिवार के साथ पैदल यात्रा कर मुंबई से 400 कि मी दूर महाराष्ट्र सीमा पहुंचे। निर्मल पैदल यात्रा के दौरान 10 माह के बेटे कार्तिक को बैग के ऊपर बैठाकर चल रहे हैं।

सीमा पर स्वास्थ्य परीक्षण की पर्याप्त व्यवस्था अब भी नहीं है। महज पल्स ऑक्सीमीटर व ब्लड प्रेशर स्टूमेंट से जांच की जा रही है, वहीं कोरोना स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार मंगलवार तक जिले से 31 सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। इनमें से आई 15 रिपोर्ट निगेटिव है।

उज्जैन में मृत महिला के एक और पोते में संक्रमण की पुष्टि हुई। उसे आरडीगार्डी अस्पताल में भर्ती किया गया है। अब तक 494 संदिग्धों को होम आइसोलेशन में भेजा है। लॉकडाउन के दौरान 40 बाइकों को जब्त किया गया।

प्रशासन ने अंबर कॉलोनी को कंटेनमेंट एरिया घोषित किया

अंबर कॉलोनी निवासी की कोरोना से मृत्यु के बाद प्रशासन ने क्षेत्र को कंटेनमेंट एरिया घोषित कर दिया है। सांईधाम कॉलोनी के लोगों को भी होम क्वारंटाइन कर दिया गया है। इस मकान में वर्मा की मृत्यु हुई, उसे एपीसेंटर घोषित किया गया है।

मंदसौर में मंगलवार को भी कुछ प्रमुख क्षेत्र नो व्हीकल जोन बनाए गए। नई आबादी को छोड़कर वह सभी जगह सफल रहा तो अब इसका दायरा बढ़ा दिया गया है। सुबह छूट के समय बाजारों में निकलने वाली भीड़ की संख्या में भी कमी नहीं आ रही है।

नीमच जिले के एक गांव के निवासी की भोपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। यह व्यक्ति भोपाल गया था, जहां इलाज के दौरान मौत हुई है। इसका सैंपल एम्स भोपाल में रखा हुआ है। रिपोर्ट आना शेष है। इधर, लॉक डाउन के दौरान नियमों के उल्लंघन व बढ़ती हुई भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने शहर को तत्काल प्रभाव से नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया।

सिंगोली से 3 किमी दूर फुसरिया चौकी पर मंगलवार को लगभग 225 लोग पहुंच गए। उन्होंने बताया कि वे ग्वालियर जाना चाहते हैं। चित्तौड़ से निकलने के बाद बूंदी पुलिस ने गुमराह कर मप्र की सीमा में प्रदेश करा दिया। सिंगोली तहसीलदार व थाना प्रभारी चेक पोस्ट पहुंचे और इन्हें आश्रय दिया। खरगोन में पुलिस ने ड्रोन कैमरे से सर्चिंग की और बाहर घूम रहे लोगों को सख्ती से घरों में भेजा। कतरगांव में किसानों ने ग्रामीणों को सब्जियां बांटी।

झाबुआ में 1 से 3 अप्रैल तक संपूर्ण जिला संपूर्ण रूप से लॉकडाउन रहेगा। धार जिले में जो लोग संदिग्ध हैं, वह डर रहे हैं। यहां तक कि कई लोग इलाज के लिए धार भेजे जाने पर घबराकर घर रवाना हो रहे हैं। मंगलवार को धार में इंदौर के चंदन नगर से कुछ लोगों के आने से स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की। इन्हें होम आइसोलेशन की सलाह दी गई है।

आलीराजपुर में बाहर निकलते ही लोगों पर कार्रवाई हो रही है। प्रांतीय सीमा पर भी लोगों की आवाजाही कम हो गई है। खंडवा में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती एक और संदिग्ध की सोमवार देर रात मौत हो गई। गंभीर हालत में मरीज को इस वार्ड में भर्ती कराया गया था।

चिकि त्सकों के अनुसार मरीज की मौत हृदयाघात से हुई है। इससे पूर्व भी आइसोलेशन वार्ड में एक मरीज की मौत हो चुकी है। रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। शाजापुर में व्यवस्था के मद्देनजर शहर को पुलिस ने पांच भागों में बांटा है। इसके मुताबिक कार्य किया जा रहा है। वहीं जागरूकता बढ़ी है। कई लोगों ने अपने मोहल्लों को ही सील कर दिया है।

बुरहानपुर जिले में बाहर से आए अब तक करीब एक हजार लोगों के स्वास्थ्य की जांच हो चुकी है। कि सी में भी लक्षण नहीं पाए गए। देवास में बुधवार को सभी वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया है। मंगलवार को कलेक्टर श्रीकांत पांडेय और एसपी कृष्णा वेणी देसावतु ने साइकिल चलाकर लोगों से सहयोग की अपील की।

मप्र-गुजरात सीमा सील, सख्ती शुरू -पिटोल चेकपोस्ट पर दोनों राज्यों के अधिकारियों की बैठक

पिटोल (झाबुआ)। कोरोना महामारी के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए गुजरात से काम की तलाश में गए लोगों की मप्र और अन्य प्रदेशों में वापसी और उनके पुनर्वास को लेकर मप्र-गुजरात सीमा के पिटोल चेकपोस्ट पर मंगलवार शाम दोनों राज्यों के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें कलेक्टर झाबुआ प्रबल सिपाहा, पंचमहाल डीआईजी एमएस भरादा, एसपी झाबुआ विनीत जैन और एसपी दाहोद हितेश जोइसर प्रमुख रूप से शामिल हुए। बैठक में बताया गया कि राज्य सीमा सील कर सख्ती से पालन कराया जा रहा है। पिटोल सीमा पर डीएसपी केएम त्रिपाठी, निरीक्षक दिनेश शर्मा, नायब तहसीलदार हर्शल बह्ररानी द्वारा प्रथम मोर्चे पर ड्यूटी की जा रही है। तय किया गया कि आवश्यक सेवा व मेडिकल इमरजेंसी के वाहनों का आवागमन सुचारु होने के साथ अन्य वाहनों का संचालन बंद हो।

यह भी बताया गया कि प्रवास पर आने वाले लोगों का क्वारंटाइन निर्धारित स्थानों पर किया जा रहा है, जहां उनके स्वास्थ्य, भोजन, पानी, रहने की मूलभूत सुविधाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है। क्वारंटाइन सेंटर मेघनगर आईटीआई, थांदला आईटीआई, झाबुआ खेल परिसर और कोकावद होस्टल में बनाए गए हैं। 31बीएआर-59 बड़वानी : झाबुआ जिले के कु शलपुरा निवासी निर्मल राठौड़ परिवार के साथ पैदल यात्रा कर मुंबई से 400 कि मी दूर महाराष्ट्र सीमा पहुंचे।

बस वालों ने 300 लोगों को तीन लाख किराया लेकर जंगल में छोड़ा

सुसनेर (आगर-मालवा)। राजस्थान सरकार ने प्रायवेट बसों से हमें पोखरण से मप्र की सीमा तक पहुंचाने के लिए तीन बसें की और उसमें बैठा दिया, किंतु बस वालो ने हम लोगों से एक-एक हजार रुपए किराया लेकर लगभग 3 लाख रुपयये वसूल लिए और रात के समय मप्र और राजस्थान की सीमा पर जंगल में छोड़ दिया। जैसे-तैसे मप्र की सीमा पर बसे गांव सेमली गल्डा पहुंचे तो वहां के सरपंच ने मदद की और प्रशासन को सूचना दी। उसके बाद ट्रैक्टरों के जरिए हमें यहा लाया गया है। यहां पर हमारे लिए भोजन की व्यवस्था प्रशासन ने की है। कुछ इस तरह की दास्तां मप्र के अलग-अलग जिलों के निवासी दिहाड़ी पर काम करने वालों ने मंगलवार को सुसनेर के शासकीय महाविद्यालय में मीडिया को सुनाई। मांगीलाल और विक्रम ने बताया कि जब बस वालों ने जंगल में छोड़ दिया तों पैदल चलकर सेमली गल्डा पहुंचे। यहा से प्रशासन उन्हें सुसनेर लेकर आया है। उन्होंने तीन दिनों से भोजन तक नहीं किया था।

फिर पहुंचे 40 लोग प्रशासन ने इन लोगों को भोजन करवाया

राजस्थान से 40 लोग और आ पहुंचे। ये झालावाड़ होते हुए सुसनेर आए हैं और अपने आपको उज्‍जैन जिले की महिदपुर तहसील और उसके आसपास के रहवासी बता रहे हैं। करीब 300 लोग मप्र की सीमा पर आ पहुंचे हैं। उन्हें सुसनेर के स्वामी विवेकानंद कॉलेज में रखा गया है। यहां उनकी जांच करवाई जा रही है। इसके बाद प्रशासन के निर्देशानुसार उन्हें आगे भेजा जाएगा। - विवेक कानोडिया, थाना प्रभारी

मुख्यमंत्री ने की खरगोन की गीता से बात

खरगोन । नमस्कार, मैं शिवराजसिंह चौहान बोल रहा हूं। कोरोना वायरस को लेकर शहर में क्या चल रहा है। आप घर से बाहर तो नहीं निकल रहे हो। यह बात मंगलवार शाम मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने शहर की चौथी की छात्रा गीता सोलंकी की माता रमाबाई से फोन पर की। चौहान ने रमाबाई को बताया कि कोरोना वायरस के चलते बच्चों को स्कू लों में भोजन नहीं मिल पा रहा है। इसलिए खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभ प्रदान करते हुए गीता के खाते में मध्यान्ह भोजन की 33 दिन की राशि भेज दी गई है। इस पर रमाबाई ने मुख्यमंत्री चौहान का धन्यवाद करते हुए कहा कि मामाजी अब आप आ गए हैं तो हमें कोई समस्या नहीं।

अधेड़ की मौत, भूख से मरने की आशंका

दूधी (धार) । दूधी में मंगलवार को परिवार से दूर और अकेले रहने वाले 55 वर्षीय सुंदरलाल पिता रतनलाल की मौत हो गई। आशंका है कि भूख से उसकी मौत हुई है। हालांकि आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई, क्योंकि उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। पोस्टमार्टम भी नहीं हुआ। वह अकेले होने से ढाबों व होटलों खाना खाता था, किंतु लॉकडाउन के दौरान क्षेत्र के ये बंद हैं। इससे सुंदरलाल को कई दिनों से खाना नहीं मिला। मंगलवार सुबह में उसकी मौत हो गई। उसके पुत्र कई वर्ष पहले ही गांव छोड़कर बाहर काम करने के लिए चले गए थे।

वैवाहिक आयोजन में भीड़, केस दर्ज

केसूर (धार)। सादलपुर पुलिस थाने के ग्राम बड़ौदिया में प्रतिबंध के बावजूद एक परिवार ने वैवाहिक कार्यक्रम आयोजित कर भीड़ जमा कर ली। बताया जा रहा है कि वैवाहिक रस्में हो गई थीं। बुलाए गए लोगों को भोजन कराया जा रहा था। पुलिस के आने की भनक लगने पर परिवार के लोगों ने टेंट, तंबू उखाड़ दिए, जबकि पूड़ी-सब्जी व अन्य सामान खेतों में फेंक दिया। पुलिस ने मौके से गैस कीभट्टीतथा पानी की टंकी जब्त की है। युवक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कि या है। सादलपुर पुलिस ने बताया कि सोमवार को वैवाहिक आयोजन की सूचना मिली थी। राहुल पिता धनसिंह की बहन की शादी थी। समारोह में भीड़ इकट्ठा कर ली गई थी।

डंग के साथ घूमे तीन कांग्रेसी निष्कासित

लॉकडाउन के बीच पूर्व विधायक हरदीपसिंह डंग मंगलवार को शामगढ़ आए। इस दौरान प्रशासन व पुलिस अधिकारियों द्वारा उन्हें दिया गया प्रोटोकाल भी दिया गया। नगर कांग्रेस अध्यक्ष माणक सेठिया को देखकर पूछा गया कि डंग के साथ अब कैसा महसूस कर रहें है तो सेठिया ने पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने हमारे विधायक की उपेक्षा की थी, इसलिए यह भाजपा में आ गए। आधे घंटे बाद ही जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश रातड़िया ने सेठिया सहित दो अन्य कांग्रेससियों को पार्टी से निकाल दिया।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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