Coronavirus Indore News उदय प्रताप सिंह. इंदौर। कोरोना संक्रमित मरीजों के फेफड़ों में 90 फीसदी संक्रमण होने पर उनके लिए इस बीमारी से जंग काफी मुश्किल हो जाती है। कई बार तो डॉक्टर भी ऐसे मरीजों के ठीक होने की आस छोड़ देते है। इंदौर में ऐसे दो मरीजों ने इस कदर गंभीर संक्रमण के बाद ओर दो से पांच माह तक आईसीयू में रहने के बाद कोरोना को मात दी और स्वस्थ हुए हैं। 24 साल के पियुष खियानी जब काेविड पॉजिटिव हुए तो उनके फेफड़ों में 90 फीसदी संक्रमण था।

इस कारण उन्हें 50 दिन अरविंदो हॉस्पिटल के आईसीयू में रहना पड़ा। इस दौरान उन्हें 18 तरह के इंजेक्शन लगे। अब वे जल्द ही स्वस्थ होकर अपने घर जाएंगे। पियुष के कोविड पाॅजिटिव होने के दौरान उनके मां व पिता भी पॉजिटिव हो गए थे। इस बीच उनके पिता का तो निधन हो गया और मां भी कोविड नेगेटिव आने के बाद स्वस्थ हुई। पियुष के इलाज में करीब सात से आठ लाख रुपये खर्च हुए। इसमें परिवार, रिश्तेदार व अन्य लोगों से आर्थिक सहयोग भी मिला। अब परिजन मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद दिलाने का प्रयास कर रहे हैं।

इसी तरह 58 वर्षीय सुभाष पाटीदार के फेफड़ों में 86 प्रतिशत संक्रमण था वो ढाई महीने आईसीयू में रहे। अरविंदो हाॅस्पिटल में उन्हें भी इंजेक्शन लगे। अब वे संक्रमण से स्वस्थ होकर अपने घर चले गए है।

अरविंदाे हॉस्पिटल के छाती रोग विशेषज्ञ डॉ रवि डोसी के मुताबिक अभी हॉस्पिटल के आईसीयू में 40 मरीज ऐसे है जिन्हें फेफड़ों में 70 प्रतिशत संक्रमण है। पांच मरीज ऐसे है जिन्हें फेफड़ों में 90 प्रतिशत संक्रमण हैं। ऐसे मरीजों के ठीक होने की उम्मीद कम रहती है लेकिन मरीजों की इच्छाशक्ति व डॉक्टर व नर्सिंग स्टॉफ के प्रयास से ये लोग स्वस्थ हुए। वर्तमान में हॉस्पिटल के 18 डॉक्टर, नर्सिंग स्टॉफ व फिजियो मरीज को स्वस्थ होने में मदद कर रहे हैं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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