Coronavirus Indore News: इंदौर। नईदुनिया प्रतिनिधि। रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी में पकड़ाए आरोपितों के बयानों के बावजुद उन अस्पतालों को क्लीनचीट दे डाली जिनसे मुलजिमों के ताल्लुक की पुष्टि हुई है। मुलजिम उन मरीजों के इंजेक्शन बाजार में बेच रहे थे जिनकी अस्पतालों में या तो मौत हो गई या उन्हें नकली इंजेक्शन लगाकर मरने के लिए छोड़ दिया। पुलिस ने रासुका में भी दिखावा किया और एमवाय व अरबिदों नर्सों पर सतही कार्रवाई कर जेल भेज दिया।

क्राइम ब्रांच और छह थानों का बल अभी तक 420 से ज्यादा रेमडेसिविर इंजेक्शन पकड़ चुका है। जीवन रक्षक दवाओं की कालाबाजारी की खबरें मिलने के बाद मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने ताल ठोंक कर कहा कि मुलजिम कोई भी हो उस पर रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी। लेकिन शहरी पुलिस मुंह देख कर कार्रवाई कर रही है। राजेंद्रनगर,कनाड़िया,लसूड़िया थाना पुलिस ने तो मुलजिमों पर रासुका तो लगाई लेकिन एक भी अस्पताल से सवाल-जवाब नहीं किया। बाणगंगा बाणगंगा थाना पुलिस ने तो बगैर रासुका के चार मुलजिमों को जेल भेज दिया। ये सभी मुलजिम एमवाय और अरबिंदो अस्पताल के नर्स थे।

-एमआइजी थानाः 16 अप्रेल को आरोपित शोएब खान को पकड़ा। इंडेक्स मेडिकल कॉलेज से जुड़ा हुआ था। 16 हजार रुपये में इंजेक्शन बेचना कबूला।

टीआइ विनोद दीक्षितः इंडेक्स मेडिकल कॉलेज का कालाबाजारी से कोई लेनादेना नहीं।

-राजेंद्रनगर थानाः 17 अप्रेल को भूपेंद्र परमार,शुभम और कविता चौहान को पकड़ा। दो आरोपित बारोड़ अस्पताल से जुड़े थे। नर्स कविता ने अस्पताल में ही मिलने बुलाया था।

टीआइ विनोद दीक्षितः कालाबाजारी से अस्पताल प्रबंधन का कोई लेनादेना नहीं था।

-कनाड़िया थानाः 26 अप्रेल को आरोपित पंजाब राव को पकड़ा तो उसने खुद को नोबेल अस्पातल का टेक्निशियन बताया और लक्ष्मी मेमोरियल अस्पताल के टेक्निशियन कपिल का नाम कबूला।

टीआइ राजीवसिंह भदौरिया के मुताबिक मामले में अस्पताल की भूमिका नहीं है। कपिल की अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है।

- लसूड़िया थानाः 24 अप्रेल मानसिंह मीणा,अंकित पटवारी बजरंग राठौर को पकड़ा। बजरंग सनराइज अस्पताल से जुड़ा था।

- टीआइ इंद्रमणी पटेल के मुताबिक अस्पताल प्रबंधन की कोई भूमिका सामने नहीं आई।

- बाणगंगा थानाः क्राइम ब्रांच ने 29 अप्रेल को संदीप ओझा,हरिराम केवट,सोनू बेरवा और चिरंजीव भारद्वाज को एएसआइ राजेश साहनी के सुपुर्द किया। आरोपित एमवाय अस्पताल और अरबिंदो के नर्स थे। लेकिन पुलिस ने रासुका नहीं लगाई।

- टीआइ राजेंद्र सोनी के मुताबिक आरोपितों से क्राइम ब्रांच ने पूछताछ की थी।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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