Coronavirus Indore News: मुकेश मंगल, इंदौर। कोरोना के कारण अनिश्चितता के भंवर में फंसे लोगों के दिलोदिमाग पर बुरा असर पड़ रहा है। इंटरनेट मीडिया पर चल रही नकारात्मक खबरें और अपनों के साथ हुई अनहोनी से एंग्जायटी या‍न‍ि घबराहट) और ब्लडप्रेशर या‍नि रक्‍‍‍‍‍‍तचाप (बीपी) के मरीज 30 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गए हैं। कई डाक्टर तो प्रतिदिन 500 से ज्यादा लोगों की काउंसिलिंग कर रहे हैं।

महालक्ष्मी नगर निवासी राजेश सिंह की पत्नी सुनीता दिन में सात बार बीपी, आक्सीजन और बुखार जांचती हैं। सबकुछ सामान्य होने के बाद भी घबराहट कम नहीं होने पर राजेश ने फैमिली फिजिशियन से संपर्क किया तो उन्होंने कहा सुनीता अवसाद में है। कोरोना की खबरों और अपनों के गुजरने की खबर सुनसुनकर वह घबराने लगी है। डाक्टरों ने बताया कि अकेली सुनीता ही नहीं बल्कि हजारों लोग इस दौर से गुजर रहे हैं। बीते डेढ़ महीने में एंग्जायटी और बीपी के 30 प्रतिशत से ज्यादा मरीज बढ़ गए हैं।

डा. राजेंद्र कुमार के मुताबिक सामान्य दिनों में मैं 30 से 40 मरीज देखता था, लेकिन अब सुबह से शाम तक करीब 300 मरीजों का उपचार कर रहा हूं। इनमें से करीब 70 मरीज कोरोना के हो सकते हैं लेकिन शेष को वहम रहता है। अब मरीज से कुछ देर बात करने पर समझ आ जाता है कि वह संक्रमित नहीं है, लेकिन उसने खुद को संक्रमित मान लिया है। खुद ही गोली-दवाई खाना शुरू कर देता है और बगैर पूछे बता देता है कि वह दो दिन से दवा ले रहा है।

डा. सुरेंद्र बापट के मुताबिक इन दिनों एंग्जायटी और बीपी के करीब 30 प्रतिशत मरीज बढ़े हैं। दिन में करीब 500 लोगों के काल अटेंड करता हू्। उनमें ज्यादातर इसी प्रकार की शिकायत करते हैं। कुछ लोग तो ऐसे हैं जो सीटी स्कैन करवा चुके हैं और रिपोर्ट भी निगेटिव आ चुकी है, लेकिन घबराहट बनी हुई है। डा. संदीप जुल्का के मुताबिक 90 प्रतिशत लोगों में एंग्जायटी है। मेरे पास ज्यादातर डायबिटीज और कोरोना के मरीज आते हैं। इसके अलावा भी लोगों में घबराहट है।

घबराते हुए रात 2 बजे कॉल करते हैं लोग

डा. सुनील बांठिया के मुताबिक सुबह 7 बजे से उनके फोन की घंटी बजती है। रात होने तक 150 लोगों से बात कर उन्हें समझाइश देती हूं। कई तो रात 2 बजे भी काल करते हैं। इनमें ज्यादातर एंग्जायटी और हाई बीपी के मरीज होते हैं।

'मेरा इलाज कैसे होगा" यह सोचकर घबरा रहे लोग

डा. बीके खंडेलवाल के मुताबिक इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित खबरों के कारण लोगों में एंग्जायटी बढ़ी है। कई लोग ऐसे हैं, जो यह सोच कर घबराते हैं कि मुझे कोरोना हुआ तो महंगा इंजेक्शन कैसे खरीदूंगा। मुझे अस्पताल और बेड मिलेगा या नहीं।

नकारात्मक खबरों से बढ़े मरीज

सभी डाक्टरों का मत है कि कोरोना के वर्तमान दौर में फैली नकारात्मकता एकमात्र कारण है, जिससे एंग्जायटी और बीपी के मरीज बढ़े हैं। सुबह उठते ही वाट्सएप पर मौत, उठावना और अस्पताल की खबरें मिलने लगती हैं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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