Coronavirus Indore News: गजेंद्र विश्वकर्मा, इंदौर । इन दिनों प्लाज्मा की काफी कमी बनी हुई है। शहर में विभिन्न सामाजिक संस्थाएं प्लाज्मा दिलवाने में परिजनों को मदद कर रही है। प्लाज्मा डोनेट करने के लिए लोगों की तलाश कर रही है और उन्हें प्लाज्मा डोनेट करने के लिए भी जागरूक कर रही है। हालांकि डिमांड ज्यादा होने से हर किसी को प्लाज्मा उपलब्ध कराने में सफलता नहीं मिल पा रही है। इसके लिए शहर की संस्थानों ने प्रशासन के अधिकारियों से मदद की मांग की थी।

सामाजिक कोरोना कंट्रोल रूप द्वारा अधिकारियों से पिछले साल से अब तक संक्रमित होने के बाद सहीं हो चुके मरीजों की जानकारी मांगी जा रही है लेकिन एक महीने बाद भी यह उपलब्ध नहीं हो पाई है। ऐसे में कंट्रोल रूम संचालित कर रहे अतुल एन भरत का कहना है कि अपने स्तर पर प्लाज्मा डोनेट करने के लिए व्यक्ति को तलाशना चुनौतीभरा है। इसमें अगर अस्पतालों से डिस्चार्ज व्यक्तियों की जानकारी हमें मिल जाए तो हम उन्हें संपर्क कर प्लाज्मा डोनेट करने के लिए समझाइश दे सकते हैं।

गंभीर अव्यवस्था में भर्ती मरीज के परिजनों के लिए प्लाज्मा की मांग डाक्टर अचानक करते हैं। ऐसे में परिजन जल्दबाजी में हमसे संपर्क करते हैं। ज्यादातर मामलों में हम प्लाज्मा उपलब्ध करा रहे हैं लेकिन हमें संक्रमित होकर सहीं हो चुके व्यक्तियों की जानकारी नहीं होने से नए डोनर को तैयार नहीं कर पा रहे हैं। हम खुद के खर्च पर प्लाज्मा डोनेट करने वालों को वाहनों से आने-जाने की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। ऐसे में प्रशासन को समझना चाहिए कि डिस्चार्ज हुए मरीजों की जानकारी हमारे लिए कितनी महत्वपूर्ण है। इस बारे में हमने एसडीएम और स्वास्थ्य अधिकारियों से बात की लेकिन वे इसमें मदद नहीं कर पा रहे हैं।

रात दो बजे भी डोनर की तलाश में जुट जाते हैं

प्लाज्मा और मरीजों को अस्पतालों में बिस्तर उपलब्ध कराने में मदद कर रहे प्रताप नायर का कहना है कि हमने महामारी में लोगाें की मदद के लिए कुछ दिन पहले सामाजिक कोरोना कंट्रोल रूम शुरू किया। हमें प्रशासन के अधिकारियों से उम्मीद थी कि वे हम मदद करेंगे लेकिन अस्पतालों में बिस्तर और प्लाज्मा की व्यवस्था हम अपने स्तर पर करवा रहे हैं।

रेमडेसिविर इंजेक्शन जैसी अन्य दवाईयाें की मांग मरीज के परिजन हमसे करते हैं। इनका समाधान प्रशासन के अधिकारी ही निकाल सकते हैं इसलिए उन्हें सहयोग देना चाहिए। कई मरीजों की आर्थिक स्थिति भी खराब रहती है इन्हें कैसे मदद पहुंचाई जाए इस बारे में भी हमें प्रशासन की मदद की जरूरत है। हमारी टीम रात दो बजे तक प्लाज्मा डोनर की तलाश करने के लिए लगी रहती है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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