Coronavirus Indore News इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना संदिग्धों की सैंपलिंग में लगातार आ रही गिरावट सवाल खड़े कर रही है। एक तरफ तो निजी लैबों से अनुबंध कर सरकार ने टेस्टिंग की क्षमता बढ़ा ली, दूसरी तरफ सैंपलिंग की संख्या ही घटा दी गई। हालात ये हैं कि पिछले पांच दिन में जितने सैंपल लिए गए, उससे लगभग दोगुने मेडिकल कॉलेज की लैब में जांचे जा चुके हैं।

ऐसे में आशंका है कि कहीं यह लगातार बढ़ रही पॉजिटिव मरीजों की संख्या को छुपाने की कोशिश तो नहीं, क्योंकि कोरोना अब तक नियंत्रित नहीं हुआ है, ऐसे में सैंपलिंग कैसे घटाई जा सकती है। प्रशासन का दावा है कि इंदौर में रोजाना कोरोना के 1200 सैंपल जांचने की क्षमता है।

पिछले पांच दिन के आंकड़े देखें तो रोजाना औसतन 920 सैंपल जांचे भी जा रहे हैं, लेकिन पांच दिन में पूरे इंदौर से सिर्फ 2791 सैंपल लिए गए। जबकि इस दौरान 4598 सैंपलों की जांच की गई। शासन के मुताबिक सैंपलिंग के काम में कुल 20 टीमें लगी हैं। कुछ दिन पहले तक जब औसतन डेढ़ हजार से ज्यादा सैंपल लिए जा रहे थे, उस वक्त भी 20 टीमें ही मैदान में थीं।

ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि टीम में कोई बदलाव नहीं किया गया तो अचानक ऐसा क्या हुआ कि सैंपलिंग ही आधी हो गई। अधिकारी भी मानते हैं कि अभी ऐसे नहीं कहा जा सकता कि कोरोना नियंत्रित हो गया है।

8% से ज्यादा पॉजिटिव

एमजीएम मेडिकल कॉलेज की लैब में पांच दिन में 4598 सैंपलों की जांच हुई है। इनमें से 370 मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई है। यानी आठ प्रतिशत से ज्यादा। टीमें पूरी क्षमता से काम करें तो औसतन डेढ़ हजार सैंपल रोज लिए जा सकते हैं। ऐसे में पॉजिटिव मरीजों की संख्या भी बढ़ सकती है।

8 से 10% दर अभी बनी रहेगी : सीएमएचओ

सीधे सवाल : सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जड़िया से

- सैंपलिंग की संख्या में अचानक कमी क्यों आ रही है?

ऐसा नहीं है। ज्यादातर मरीज प्राइमरी कांटैक्ट के मिल रहे हैं। इनमें से ज्यादातर की सैंपलिंग पहले ही हो चुकी है।

- सैंपलिंग बढ़ाने की जरूरत है क्या?

पूरे शहर में स्क्रीनिंग हो चुकी है। सैंपलिंग में हमारी 20 टीमें लगी हैं। इनमें डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ है। जहां भी जरूरत होती है हम सैंपल लेते हैं।

- क्या कोरोना नियंत्रित हो गया?

नहीं ऐसा नहीं है। अभी इसमें लंबा समय लगेगा। फिलहाल ऐसी स्थिति नहीं है कि हम कह सकें कि कोरोना नियंत्रित हो गया। हालांकि इतना जरूर है कि यह कम हुआ है।

- अब भी 8 से 10 प्रतिशत सैंपल पॉजिटिव मिल रहे हैं?

यह स्थिति फिलहाल बनी रहेगी। कोशिश करेंगे कि सैंपलिंग ज्यादा से ज्यादा हो।

इनका कहना है

हमारे पास जितने सैंपल आ रहे हैं, हम सभी की जांच कर रहे हैं। फिलहाल हमारे पास कोई सैंपल पेंडिंग में नहीं है। ज्यादा सैंपल मिलेंगे तो हम ज्यादा जांचेंगे। हमने हर दिन जांच के बाद जो बैकलॉग रह जाते थे वह भी क्लियर कर लिए हैं।

डॉ. ज्योति बिंदल, डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज

ग्वालियर-चंबलः बढ़ रहे मरीज, घट रही सैंपलिंग ग्वालियर चंबल अंचल में संक्रमितों की संख्या 200 को पार कर गई है। केवल ग्वालियर जिले में ही यह शतक के करीब है लेकिन संभाग मुख्यालय में सैंपलिंग घटाकर 150 कर दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा के विधानसभा क्षेत्र दतिया में पांच दिनों में केवल 40 सैंपलिंग हुई हैं जबकि झांसी से सटे होने से यहां बाहर से आ रहे मजदूरों का हर रोज जमावड़ा लग रहा है। शिवुपरी में पांच दिनों में तीन पॉजिटिव मरीज मिले हैं और सैंपलिंग औसत 30 पर ही टिकी है। श्योपुर में केवल 10 सैंपल लिए गए। भिंड में पांच दिनों में 375 सैंपल भेजे गए, जिसमें 27 संक्रमित मिले हैं। मुरैना में कोरोना विस्फोट के बाद सैंपलिंग बढ़ाई गई। पांच दिन में 305 सैंपल लिए गए हैं। इनमें 33 मरीज पॉजिटिव पाए गए

जबलपुरः जहां से कोरोना शुरू हुआ, रोजाना 200 सैंपल भी नहीं जबलपुर के 12 कंटेंमेंट एरिया के 30 से ज्यादा इलाकों में निवासरत लाखों लोगों पर कोरोना के संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है, लेकिन जिले में रोजाना 200 संदिग्धों के भी सैंपल नहीं लिए जा रहे। 20 मार्च को प्रदेश में कोरोना के संक्रमण की शुरुआत जबलपुर से हुई थी। तब से लेकर अब तक करीब 73 दिनों में औसत 72 के हिसाब मात्र पांच हजार 322 सैंपल जांच के लिए भेजे जा सके। इधर, आइसीएमआर एनआइआरटीएच के बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल के वायरोलॉजी लैब में कोरोना सैंपल की जांच प्रारंभ हो चुकी है लेकिन जिले में संदिग्धों की सैंपलिंग घटा दी गई। पांच दिन में रविवार से गुरुवार तक मात्र 621 संदिग्धों के सैंपल लिए गए। हालांकि शुक्रवार को सैंपल की संख्या कुछ हद तक बढ़ाई गई है। शाम 6 बजे 167 सैंपल जांच के लिए आईसीएमआर व मेडिकल कॉलेज भेजे जा चुके थे।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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