Coronavirus Madhya Pradesh News : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। यह सही है कि प्रदेश में कोविड-19 के संक्रमण को रोकने और बचाव के लिए सैंपलिंग और टेस्टिंग को बढ़ाने की जरूरत है। इसे बढ़ाने की काफी संभावना है। पर अच्छी बात यह है कि मार्च में जब कोविड आया था, तब प्रतिदिन हमारी टेस्टिंग क्षमता सिर्फ 60 थी, लेकिन आज हमारी क्षमता 6 हजार से अधिक नमूने टेस्ट करने की क्षमता हो चुकी है। कुछ दिन में यह क्षमता हर दिन 15 हजार नमूने जांचने पर पहुंचेगी।

प्रदेश के अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान ने सोमवार को इंदौर कमिश्नर कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा में यह बात कही। कोरोना संक्रमण के बचाव की रणनीति को लेकर शासन ने उन्हें इंदौर जिले की कमान सौंपी है। इसी सिलसिले में वे इंदौर आए हैं।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि इंदौर में सैंपल जांचने के लिए हम अमरीका से सबसे आधुनिक मशीन खरीद रहे हैं जिसकी कीमत करीब साढ़े आठ करोड़ रुपए है। भारत में पहली बार यह मशीन इंदौर में ही लाई जा रही है। हम मशीन जल्दी बुलाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए अमरीका के कॉरपोरेट ऑफिस तक भी बात की है। हम मशीन पर निर्भर नहीं है। हमने इंदौर में 1400 नमूने प्रतिदिन जांचने की क्षमता कर ली है। पहले इंदौर में आसपास के जिलों का भी बोझ था, लेकिन अब खंडवा, रतलाम और उज्जैन में भी लैब चालू हो गई है। अब यहां आसपास के जिलों का भार नहीं है। इंदौर में अब 1400 टेस्ट हर दिन किए जा रहे हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा संजय शुक्ला, संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी, आईजी विवेक शर्मा, कलेक्टर मनीष सिंह, डीआइजी हरिनारायण चारी मिश्र, कंट्रोल रूम के नोडल अधिकारी चंद्रमौलि शुक्ला, जिला पंचायत सीईओ रोहन सक्सेना सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

हमारी चुनौती समय रहते पॉजिटिव की पहचान और इलाज

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि कोविड का बड़ा हिस्सा इंदौर से आता है।प्रदेश में कोरोना के जितने एक्टिव केस हैं उसके आधे केस इंदौर में हैं। पर यहां के लोगों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन सभी ने मेहनत करके इसे नियंत्रण में रखा है। देश के बाकी हिस्से से तुलना करें तो इंदौर ने अपने-आपको बहुत संभालकर रखा है। इसके लिए लोगों ने घर में रहकर कुर्बानी भी दी है। पर हमें सावधान रहने की जरूरत है। कोविड का प्रकोप अभी खत्म नहीं हुआ है। इसकी वैक्सीन उपलब्‍ध नहीं है। हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि हम समय रहते कोरोना पॉजिटिव की पहचान कर लें और इलाज की समुचित व्यवस्था हो।

प्रदेश में 60 हजार बिस्तरों की व्यवस्था

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि कोविड को लेकर लगाए जा रहे अनुमान को देखते हुए हमने प्रदेश में 60 हजार बिस्तरों की व्यवस्था की है। साथ ही 14 हजार बिस्तरों पर ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्‍ध रहेगी। हम उम्मीद कर रहे हैं कि ऐसा नहीं होगा, लेकिन अधिकतम की प्लानिंग लेकर चलना चाहिए, इसीलिए हम भी भविष्य की तैयारी कर चल रहे हैं।

उन्होंने आगाह किया कि वायरस अभी है, कहीं गया है और आगे भी वायरस रहेगा। हमें सावधानी रखते हुए इसके साथ जीने का तरीका सीखना होगा। इसमें कोई रॉकेट साइंस नहीं है। हमें यह समझना होगा कि यह हवा में नहीं रहता। संपर्क के जरिए जाता है। शारीरिक दूरी बनाए रखें। सार्वजनिक जगह मास्क का उपयोग कर लें।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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