Coronavirus Medicine : इंदौर/नई दिल्ली (नईदुनिया/ ब्यूरो)। सरकार ने कोरोना से लड़ने में अब तक सबसे असरदार दिख रही दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के निर्यात पर बुधवार को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) ने कोरोना के उपचार में क्लोरोक्वीन के इस्तेमाल की इजाजत दी है। 150 से अधिक देशों में कोरोना के फैलने की वजह से इस दवा की इन दिनों काफी मांग है। देश में इस दवा की कमी की आशंका को देखते हुए बुधवार को विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की तरफ से दवा और इसके फॉर्मुलेशान दोनों पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश जारी किया गया। इस प्रतिबंध के साथ ही सरकार ने यह भी कहा है कि अगर विदेश मंत्रालय किसी शिपमेंट की सिफारिश करे, तो उसके निर्यात को इजाजत दी जाएगी। इसके साथ ही उन मामलों में भी निर्यात की छूट रहेगी, जिनमें विक्रेताओं ने शिपमेंट का भुगतान एडवांस में ले लिया है।

अमेरिका में कोरोना से लड़ने में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के इस्तेमाल की अनुशंसा के बाद भारत के बाजार में इस दवा के कच्चे माल की कीमतों में 300 फीसद का इजाफा हो गया था। दवा निर्माताओं के मुताबिक 20 दिन पहले तक हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के कच्चे माल की कीमत 6,000- 7,000 रुपये प्रति किलोग्राम थी जो बढ़कर 18,000 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। कोरोना से लड़ने में इस्तेमाल होने वाले मास्क, सैनिटाइजर, वेंटिलेटर जैसे जरूरी सामान के निर्यात पर सरकार पहले ही प्रतिबंध लगा चुकी है। कुछ दिन पहले तक मास्क व सैनिटाइजर की कीमत में भी घरेलू बाजार में भारी बढ़ोतरी देखी गई।

Posted By: Prashant Pandey

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