उदय प्रताप सिंह, इंदौर। स्वच्छता सर्वेक्षण में इस वर्ष एयर क्वालिटी इंडेक्स की बेहतरी पर जोर दिया जा रहा है। यही वजह है कि इंदौर नगर निगम ने शहर की आबोहवा को अगले चार माह में बेहतर बनाने की कवायद शुरु कर दी है। इसके लिए निगम शहर के रहवासी इलाकों में ग्रीन बफर जोन व शहर के 200 एकड़ हिस्से में जैव विविधता पार्क बनाने की कवायद की जा रही है। निगम शहर में प्रत्येक वार्ड में दो नए गार्डन तैयार करेगा। इस तरह अगले तीन माह माह में शहर में करीब 170 नए गार्डन तैयार होंगे। इसके अलावा ग्रीन बेल्ट क्षेत्र को अतिक्रमणमुक्त कर वहां पर हरियाली बढ़ाने का प्रयास भी किया जाएगा। निगम इतना ही नहीं निगम शहर की सड़कों पर बनाए जा रहे डिवाइडर के दो किलोमीटर हिस्से पर भी हरियाली करेगा।

उद्यानों तक जल पहुंचाने की कवायद

शहर में कई उद्यानों का विकास इस वजह से नहीं हो पाया है क्योंकि वहां पर पौधों तक जल पहुंचाने के लिए कोई इंतजाम नहीं है। निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने हाल ही में वार्ड नंबर 38 में महालक्ष्मी नगर के गरबा गार्डन, चिकित्सक नगर व निपानिया चौराहा स्थित अविकसीत उद्यान का निरीक्षण किया। दो स्थानों पर बोरिंग है ऐसे में जल्द ही वहां पर गार्डन का विकास किया जाएगा। इसके अलावा एक अन्य गार्डन पर जल उपलब्धता का इंतजाम किया जाएगा। ऐस गार्डन जहां पानी का कोई इंतजाम नहीं है, वहां पर विधायक निधि या अन्य स्त्रोतों से जल्द उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा।

हवा में धूल कण को रोकेंगे

शहर की सड़कों व फुटपाथ पर जहां पर मिट्टी है, उस हिस्से को पेव्हर ब्लाक से कवर किया जाएगा ताकि वातावरण में धूलकणों की मात्रा को कम किया जा सके। इसके अलावा सड़कों की सफाई को ओर भी बेहतर बनाएंगे ताकि धूल उड़ने को रोका जा सके।

निमार्णाधीन उद्यानों को जल्द तैयार करने की कोशिश

निगन शहर में कुछ नए उद्यानों का निर्माण कर रहा है, ऐसे उद्यानों में सिविल वर्क चल रहा है। वर्क आर्डर व टेंडर जारी होने के बाद भी काम अधूरा है। ऐसे बगीचों को जल्द विकसित कर वहां पर पेड़ पौधे लगाने की कवायद की जाएगी।

नदी किनारे वन विभाग के माध्यम से जल्द पौधे लगवाने की कवायद

निगम ने वन विभाग को कान्ह व सरस्वती नदी किनारे आठ स्थानों पर पौधे लगाने का जिम्मा करीब एक साल पहले दिया था। वन विभाग ने अभी तक 20 फीसद पौधे ही लगाए है। निगम ने वन विभाग को इस कार्य के लिए चार करोड़ रुपये भी दिए है। वन विभाग को नदी किनारे करीब 35 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है लेकिन अभी विभाग ने सिर्फ आठ हजार ही पौधे लगाए है। नदी किनारे के कुछ स्थानों पर अतिक्रमण,फेंसिंग व सीमांकन की समस्यांओं के कारण पौधारोपण नहीं हो पा रहा है। ऐसे में निगम की आेर से तहसीलदारों को सीमांकन के लिए पत्र लिखा है और नदी किनारे अतिक्रमण हटाने की भी तैयारी है।

ग्रीन बेल्ट पर हरियाली बढ़ाने की कवायद

रिंगरोड पर आइडीए के माध्यम से विकसीत किए गए ग्रीन बेल्ट के कई हिस्सों पर रोड निर्माण व पाइप लाइन डालने के कारण कुछ जगह गेप हो गई है। ऐसे में यहां पर निगम पौधारोपण करेगा। इसके अलावा रेतीमंडी, फूटी कोठी व गौपुर चौराहे के आसपास भी ग्रीन बेल्ट पर सुंदरता वाले पौधो के साथ वानिककी के पौधे भी लगाए जाएंगे। निगम ने सामुदायिक दायित्व के तहत लोखंडे पुल से कुशाभाऊ ठाकरे प्रतिमा के बीच 800 मीटर के ग्रीन के हिस्से को निजी एजेंसी को दिया है। इसके अलावा जोन नंबर 9 में भी ग्रीन बेल्ट का कुछ हिस्सा संस्था को विकसीत करने का जिम्मा दिया हे। कुछ स्थानों पर ऐसे संस्थानों के माध्यम से ग्रीन बेल्ट क्षेत्र विकसीत किया जाएगा।

पाश एरिया में टेरेस गार्डन तो स्लम बस्ती में लगवाएंगे सब्जियों के पौधे

निगम द्वारा शहर के पाश इलाकों में टेरेस गार्डन बनाने पर जोर दे रहा है। रहवासी संघों के बीच जाकर निगम के एनजीओ लोगों को अपने घरों की छतों पर हरियाली के लिए पौधे लगाने के लिए कहेंगे। इसके अलावा शहर में ग्रीन स्लम भी बनाए जाएगे। इसके लिए निगम के उद्यान विभाग ने करीब 15 हजार मैथी व टमाटर रौपे वाले पौधे तैयार किए है। दरोगा व एनजीाअे के माध्यम से इन पौधों को स्लम क्षेत्र की बस्तियों में खाली जमीन व गमले में लगाया जाएगा। इससे वहां पर हरियाली होगी साथ ही सब्जियों का उपयोग बस्ती के लोग कर सकेंगे।।

वायु गुणवत्ता सूचकांक के सर्वे में अंक: 150

हरियाली बढ़ाने के प्रयास

कुल गार्डन: 1156

हकीकत: 75 फीसद में ही है हरियाली

यह होगा: 170 नए गार्डन तैयार होंगे।

डिवाइडर: 2 किलोमीटर का क्षेत्र में डिवाइडर पर लगाएंगे पौधे

ग्रीन बेल्ट : 10 किमी के ग्रीन बेल्ट में गेप फीलिंग के तहत पौधे लगाएंगे

फव्वारे: 90 बगीचाें व चौराहों पर फव्वारे लगे जिसमें 70 चालू है। शेष चालू करवाएंगे। शहर में 10 से अधिक चौराहों पर नए फव्वारे लगाएंगे।

निगम के उद्यान विभाग का अमला

- 1200 कर्मचारी

- सात चयनित एजेंसी जो पौधे उपलब्ध करवाती है।

- तीन नर्सरी है जिनमें छोटे पौधे तैयार किए जाते है।

इन स्थानों पर भी होगी हरियाली

- चार नंबर जोन में खेल संकुल परिसर में पौधे लगाए जाएंगे।

-आईडीए के बनाए गए शहीद पार्क में भी हरियाली की जाएगी।

तीन माह में नए गार्डन तैयार करेंगे

अगले तीन महीने हम 170 ज्यादा नए उद्यान विकसित करेंगे। वहां पर पानी का इंतजाम किया जाएगा। इसके अलावा ग्रीन बेल्ट प्रमुख लोकेशन पर लैंडस्केपिंग कर सुंदरीकरण का कार्य किया जाएगा। शहर के पुराने डिवाइडरों पर जहां कमी है वहां पौधेे लगाएंगे।

कैलाश जोशी, उपायुक्त उद्यान विभाग निगम

विगत छह वर्षो में इस तरह शहर की आबोहवा बेहतर करने के हुए प्रयास- वर्ष 2016: डोर टू डोर कचरा एकत्रीकरण् की शुरुआत हुई, गीले कचरे से खाद बना गार्डनों में उपयोग। शहर की सड़कों से कचरा पेटी हटाई गई।

- वर्ष 2017: होम कम्पोस्टिंग और रहवासी क्षेत्र व कर्मशियल क्षेत्र में गीले से खाद से खाद बनाने की प्रकिया। कचरा जलाने पर प्रतिबंध लगा जुर्माने का प्रावधान हुआ। डस्ट स्वीपिंग मशीनों से शुरु हुआ काम। चौराहों पर पानी छिड़काव कर धूल को साफ करना हुआ शुरू।

- वर्ष 2018: आवारा पशुओं का हटाया, लेफ्ट टर्न चौड़ीकरण हुआ। इससे चौराहों पर ट्रेफिक बाधित न होने से वायुप्रदूषण कम हुआ। ग्रीन बेल्ट विकसीत किए गए। ट्रेचिंग गाउंड से कचरे पहाड़ हटा और गार्डन विकसीत किया गया। मलबे के उपयोग के लिए सीएंडडी प्लांट तैयार हुआ। बायो सीएनजी बस का संचालन शुरु हुआ।

-वर्ष 2019: शहर के प्रमुख चौराहों के फव्वारे जो बंद थे उन्हें चालू करवाया। नदी किनारे पौधारोपण शुरु किया गया। कंस्ट्रकशन साइट पर ग्रीन पर्दे से ढंकने सख्ती शुरु हुई। नदी सफाई पर दिया जोर। नदियों की गाद को निकाला गया।

-वर्ष 2020: प्लास्टिक प्रतिबंध लगाया, हवा की गुणवत्ता नापने के लिए शहर में 16 स्थानों पर उपकरण लगाए गए। ट्रीट हुए पानी का पुन: उपयोग कर शहर के सड़क व धूल वाले हिस्सों पर छिड़काव में किया। शहर में इलेक्टि्क बसों की शुरुआत हुई।

-वर्ष 2021: नाला टेपिंग का कार्य कर नदी में जाने वाले गंदे पानी को रोेका। 10 चौराहों पर नए फव्वारे लगाए। लोगों की जागरुकता के लिए कार्यशालाएं हुई।

इस तरह 200 एकड़ में होगा जैव विविधता पार्क

100 एकड़: ट्रेचिंग ग्राउंड में है जैव विविधता पार्क

स्कीम 78: यहां पर आइडीए की जमीन पर 200 एकड़ क्षेत्र में निगम सिटी फारेस्ट क्षेत्र विकसित करेंगे।

सांवेर रोड एफ सेक्टर: यहां पर रोड के किनारे व देा से तीन खाली प्लाट पर सघन पौधारोपण किया जाएगा।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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