कुलदीप भावसार

इंदौर, नईदुनिया,Court News Indore। तलाक...तलाक...तलाक बोल पति पत्नी को भारत में छोड़कर अमेरिका चला गया। पत्नी पड़ताल करने खुद अमेरिका पहुंची तो पता चला कि पति के वहां पहले से एक अन्य महिला से संबंध हैं। भारत लौटकर पत्नी ने पति से भरण पोषण की मांग करते हुए कुटुम्ब न्यायालय में केस दायर कर दिया, लेकिन पति के अमेरिका में होने से सुनवाई नहीं हो पा रही थी। आखिर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पति की अमेरिका से कुटुम्ब न्यायालय में पेशी हुई। उसने भारत आने में असमर्थता जताते हुए कहा कि कोरोना महामारी के चलते वह फिलहाल भारत नहीं आ सकता। इस पर कोर्ट ने पहले तो पति-पत्नी के बीच सुलह की कोशिश की लेकिन जब बात नहीं बनी तो न्यायाधीश ने पति को आदेश दिया कि वह हर माह 35 हजार रुपये पत्नी को भरण पोषण के रूप में अदा करें। कोर्ट ने पति से यह भी कहा कि वह 20 अप्रैल को कोर्ट में उपस्थित हों।

शालीमार टाउनशिप निवासी सलीना का विवाह देवास के जीशान फैजल के साथ मुस्लिम रीति से हुआ था। शादी के कुछ दिन बाद ही जीशान पत्नी सलीना से विवाद करने लगा। शादी के महज तीन सप्ताह बाद ही वह पत्नी को भारत में छोड़कर अमेरिका चला गया। जून 2019 में वह वापस आया और पत्नी के मायके जाकर उससे कहा कि मुझे तुझमें कोई इंट्रेस्ट नहीं है। तलाक...तलाक...तलाक कहकर वह वापस अमेरिका लौट गया। इस बीच सलीना ने खुद अमेरिका जाकर जानकारी निकाली। उसे वहां पता चला कि पति जीशान के संबंध पहले से अमेरिका में वहीं की एक महिला से हैं। इससे आहत सलीना ने स्थानीय लसूड़िया पुलिस थाने में पति के खिलाफ मुस्लिम निकाह संरक्षण अधिनियम, दहेज प्रताडना, मारपीट की शिकायत करते हुए प्रकरण दर्ज कराया। इसी के साथ उसने एडवोकेट केपी माहेश्वरी के माध्यम से पति जीशान के खिलाफ कुटुम्ब न्यायालय में भरण पोषण के लिए भी केस दायर कर दिया।

एडवोकेट माहेश्वरी ने बताया कि जीशान के अमेरिका में होने से एक साल से सुनवाई टल रही थी। हाल ही में कोर्ट के आदेश पर लैपटॉप पर जीशान की कोर्ट में पेशी हुई। न्यायाधीश प्राणेश कुमार प्राण ने पहले तो पति-पत्नी के बीच सुलह के प्रयास किए लेकिन जब समाधान नहीं निकला तो उन्होंने पति की आय के संबंध में जानकारी लेने के बाद आदेश दिया कि पति हर माह 35 हजार रुपये बतौर भरण पोषण पत्नी को अदा करेगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि जीशान को यह रकम केस दायर करने की तारीख से देना होगी। हालांकि उसे यह रियायत जरूर दी कि वह बकाया रकम छह किस्तों में दे सकता है।

Posted By: gajendra.nagar

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