Lumpy Virus Indore: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। राजस्थान और गुजरात के जानवरों से मध्यप्रदेश की गायों में आए लंपी रोग को लेकर पशु चिकित्सा विभाग के पास अब भी ठीक-ठीक जानकारी नहीं है कि यहां कितने मवेशी इस रोग से पीड़ित हैं और कितनी गायों की मौत हुई है। इंदौर जिले देपालपुर क्षेत्र के कुछ गांवों में लंपी रोग से गायों की मौतें हो रही हैं, लेकिन इंदौर के पशु चिकित्सा उप संचालक कार्यालय के पास वास्तविक आंकड़े ही नहीं हैं। लंपी रोग को किए जा रहे सर्वे में लापरवाही की जा रही है।

बताया जाता है कि देपालपुर तहसील के सेमदा गांव में लंपी त्वचा रोग से अब तक 22 गायों की मौत हो चुकी है। इनमें से दो गायों की मौत तो दो दिन पहले ही हुई है। स्थानीय लोगों ने दो और गायों की मौत की जानकारी दी थी। ग्रामीणों का कहना है कि इन गायों की मौत घातक वायरस के कारण हुई है। कई और गायें बीमार हैं।

सेमदा में गायों की मौतों की पुष्टि एसडीएम रवि वर्मा ने भी की है। दूसरी तरफ पशु चिकित्सा विभाग की रिपोर्ट में केवल पांच जानवरों की मौत की पुष्टि की गई है। बताया जाता है कि लंपी रोग को लेकर विभाग की ओर से कुछ जानकारियां छिपाई जा रही हैं। लंपी प्रभावित गांवों और उनके आसपास के गांवों में मवेशियों का वैक्सीनेशन किया जा रहा है। लंपी का वैक्सीन अभी इंदौर और मध्यप्रदेश के किसी जिले में नहीं आया है, इसलिए गोट पाक्स वैक्सीन से ही काम चलाया जा रहा है।

इस बीच प्रशासन और विभाग ने देपालपुर क्षेत्र में पशु पालकाें को जागरूक करना शुरू किया है कि वे मृत पशुओं को खुले में न फेंकें। इनको जमीन में गाड़कर शव का निपटान किया जाए। पशु चिकित्सा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हम मृत जानवरों का सत्यापन करवा रहे हैं। गुरुवार को जो गायें मरी हैं, वे बूढ़ी थीं और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम थी। ऐहतियात के तौर पर पूरे गांव में जानवरों को आवश्यक दवाइयां दी जा रही हैं। एसडीएम के अनुसार, ग्राम पंचायत को निर्देश दिया गया है कि मृत पशुओं को उनके खर्चे पर दफनाने की आवश्यक व्यवस्था की जाए क्योंकि शव को खुले में नहीं फेंकना चाहिए।

Posted By: Sameer Deshpande

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