Fake Advisory Company: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शेयर में निवेश का झांसा देकर करोड़ों रुपये बटोरने वाली फर्जी एडवाइजरी गिरोह की जांच अब क्राइम ब्रांच करेगी। राऊ पुलिस ने क्राइम ब्रांच को उन 80 कंपनियों का रिकार्ड सौंपा है जो पांच करोड़ रुपये के फर्जीवाड़ा में गिरफ्तार हुए अमित बरफा के लेपटाप से मिला था। अमित लाखों रुपये लेकर इन कंपनियों को निवेशकों का निजी डेटा सप्लाई करता था।

राऊ पुलिस ने 15 अप्रैल को आसाम रायफल के सिपाही की शिकायत पर फर्जी एडवाइजरी फर्मी दादाजी ट्रेडर्स के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। मामले में पुलिस ने कैलाश मोर्या,कपिल उर्फ रोहित हार्डिया, अनिल यादव, यज्ञदत्त शर्मा, अमित जोशी, मुरली पाटनकर, दीपक तिवारी, विनोद तिवारी, विशाल जायसवाल, प्रकाश भट्ट, दीपा उर्फ रानू, अनुराग शिवनारायण, दीपू चेलानी, पवन तिवारी और पूजा भट्टा सहित अमित बरफा को गिरफ्तार किया था। आरोपित से करोड़ों रुपये की संपत्ती-कार,कैश जब्ती हुई और पूछताछ में पता चला कि गिरोह की सरगना पूजा थापा है।

पूजा इंजीनियर अमित बरफा से निवेशकों का डेटा खरीद कर एडवाइजरी फर्म को सप्लाई करता था। वह गूगल एड के माध्यम से डेटा निकाल लेता था और लाखों रुपये कमाता था। पुलिस ने जब उसके लेपटाप की जांच की तो करीब 80 कंपनियों की जानकारी मिली जिनसे अमित का सीधा संपर्क था। पुलिस ने इन कंपनियों के ठिकानों पर छानबीन भी कि लेकिन सभी कंपनियां दर्शाए पतों से गायब थी। आगे की जांच के लिए आयुक्त हरिनारायणाचारी मिश्र ने क्राइम ब्रांच को डेटा हस्तांतरित कर दिया है।

डिंगडांग एप से ठगी: आरोपितों का रिमांड मांगेगी पुलिस

फर्जी चिटफंड कंपनी के लिए माइक्रो फाइनेंस करने वाले गिरोह के सदस्य राहुल गुप्ता और सुशील भाटिया को पलासिया पुलिस आज कोर्ट पेश कर रिमांड पर लेगी। आरोपितों ने टिकटाक की तर्ज पर डिंगडांग एप भी बना लिया था। इस एप पर गाने अपलोड करने वालों से प्रमोशन के लिए रुपये लिए जाते थे। उन्हें निवेश की राशि पर 15 प्रतिशत ब्याज सहित 10 माह में राशि लौटाने का लालच दिया जाता था।

Posted By: Sameer Deshpande

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