इंदौर।नईदुनिया प्रतिनिधि। राजबाड़ा पर बम धमाके और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपित को पुलिस ने नागदा से गिरफ्तार कर लिया है।आरोपित ने पुलिस को गुमराह करने के लिए पत्र में परिचितों के नाम लिखे थे। पूर्व में भी एक विधायक को धमका चुका है। जिस मिठाई दुकान पर पत्र भेजा उसका डिब्बा गुरुद्वारा के लंगर में देख लिया था।

डीसीपी जोन-4 आरके सिंह के मुताबिक आरोपित का नाम नरेंद्र पुत्र कल्याणसिंह निवासी छोटा घोसियाना मलिकमऊ रोड रायबरेली(उप्र) है। नरेंद्र को नागदा पुलिस की मदद से एक ढाबे से गिरफ्तार किया गया है।

नरेंद्र ने 16 नवंबर को गुजराती स्वीट्स पर धमकी भरा पत्र भेजा था। पत्र में इंदौर में बम धमाके और राहुल गांधी-कमलनाथ को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी।

मिठाई व्यवसायी अजय जैन प्रेमचंद जैन की शिकायत पर आरोपित पर केस दर्ज किया था।पुलिस की 10 टीमों ने इंदौर,उज्जैन,नागदा,रतलाम सहित 15 शहरों में छानबीन की, लेकिन नरेंद्र हाथ नहीं आया। बुधवार को जवानों ने ढाबे पर देखा और पकड़ लिया। उसने बताया कि परिवार कांग्रेस समर्थक था, लेकिन बाद में उसकी मानसिकता बदल गई। जिस खालसा चौक में कमलनाथ का विरोध हुआ उस दिन भी नरेंद्रसिंह मौजूद था।

हेबिट प्रिंट और 200 कैमरों से आरोपित तक पहुंची पुलिस

डीसीपी के मुताबिक नरेंद्रसिंह ने पत्र में ज्ञानसिंह सहित 4 लोगों के नंबर लिखे थे।करनाल के अमनदीप का वोटर आइडी कार्ड लगाया था। ज्ञानसिंह से पूछताछ की तो लालसिंह पर शक जताया। उसकी काल डिटेल निकाली तो कोटा से युवक के नंबर मिले।

उससे पूछताछ की तो बताया दयालसिंह नामक बुजुर्ग ने काल लगाया था। दया उर्फ दयालसिंह गुरुद्वारों में ही ठहरता है। लंगर में खाना खाकर दिन गुजारता है।हुलिया के आधार पर टीम नागदा आई तो सेवादारों ने बताया वह दया नहीं बल्कि प्यारासिंह है। नागदा और रतलाम के लोग प्यारा के नाम से जानते हैं।

उज्जैन के सेवादार रंजीतसिंह ने कहा वह 2017 में भी उसे धमका चुका है।एक विधायक को भी धमकाया था।उज्जैन एसपी सत्येंद्र शुक्ला से पूराने केस की जानकारी मांगी तो पता चला उसमें भी इसी तरह फर्जी नाम-नंबर लिखे थे। हेबिट प्रिंट से तय हो गया कि धमकी दयालसिंह उर्फ प्यारासिंह ने दी थी।

जहां भी जाता नाम-पता नोट कर लेता था सिरफिरा

69 वर्षीय नरेंद्रसिंह कम पढ़ा-लिखा है, लेकिन शातिर है। वह जहां भी जाता था डायरी में नाम-पता लिख लेता था। विद्यानगर गुरुद्वारा पर रुकने के दौरान गुजरात स्वीट्स का डिब्बा देख लिया था। उस पर गुजरात-बंगाली स्वीट्स लिखा हुआ था। करनाल जाने के दौरान अमनदीप का वोटर आइडी मिल गया था। रतलाम विधायक चेतन्य कश्यप के घर से थोड़ी दूरी पर नई रोड गुरुद्वारा है। यहां आते-जाते वक्त विधायक का नाम-पता लिख लिया था।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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